सुरेंद्र ने संघ के खिलाफ एक मजबूत बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह संघ की विचारधारा छुपी हुई नहीं है और यह सांप्रदायिक, हिंसक एवं कट्टर है. उन्होंने यह भी कहा कि यह संघ तिरंगे और संविधान को स्वीकार नहीं करता. साथ ही, यह संघ संविधान को बदलने और दलितों तथा पिछड़ों के आरक्षण के अधिकार को छीनने के पक्ष में है.