AIMIM नेता वारिस पठान ने एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि संविधान का आर्टिकल 25 सभी धर्मों के धार्मिक अभ्यास की स्वतंत्रता देता है. अगर कोई नमाज़ पढ़ रहा हो और किसी को तकलीफ या व्यवधान नहीं पहुंचा रहा, तो उस पर नफरत फैलाना गलत है. हिंदू भी अपने घरों में प्रार्थना करते हैं और यह सामान्य माना जाता है.