ममता बनर्जी और उनकी सरकार ने पिछले पंद्रह वर्षों में बंगाल के लिए जो बजट पेश किया है, उसमें स्पष्ट दिशा का अभाव दिखता है. चुनाव से पहले केवल महिलाओं को दिया जाने वाला भाटा पांच सौ रुपये से बढ़ाकर हज़ार रुपये कर दिया गया है, जो वोट हासिल करने का एक प्रयास है. बजट को औपचारिक रूप से अंतरिम ही माना जा सकता है क्योंकि चुनाव करीब हैं और कोई ठोस योजना इसमें नजर नहीं आ रही है.