दिल्ली में कमल ध्यानी के गड्ढे में गिरकर मौत के मामले में पुलिस और सरकार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस ने आरोप कमल ध्यानी पर लगाकर मामले को दबाने की कोशिश की. कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस जगह पर बैरिकेडिंग नहीं थी जबकि पुलिस ने दावा किया कि रास्ता बंद था. शव मामले में तमाम पुलिस थानों में शिकायत दर्ज नहीं की गई और सीसीटीवी फुटेज भी जारी नहीं की गई हैं.