उच्च स्पीड इंजनों का निर्माण किया जाएगा जो मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच रेलवे मार्गों के विकास में मदद करेगा. इस योजना से शहरों की आर्थिक वृद्धि और पर्यावरण दोनों की उन्नति संभव होगी.