मिडल ईस्ट के क्षेत्र में युद्धपोतों का आना महत्वपूर्ण समय पर हुआ है, जब कुल 22 देशों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए स्ट्रेट ऑफ ओएफ को खुलवाने की मांग की है. इस बयान में यूएई, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, न्यू जीलैंड, नेदरलैंड्स, कनाडा, दक्षिण कोरिया, बहरेन और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने हिस्सा लिया है.