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US Navy ने कहा हमारे पास UFO के कई वीडियो पर दुनिया को नहीं दिखाएंगे

अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि उनके पास एलियन यानों के कई वीडियो हैं. लेकिन वो उसे दुनिया को नहीं दिखाएंगे. उनके पास कई UFO के वीडियो हैं लेकिन देश की सुरक्षा के लिए उन्हें सबके सामने जारी नहीं कर सकते. ऐसा लगता है कि अमेरिका के हाथ में एलियन का कोई सीक्रेट सामने आया है.

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US Navy ने उसके पास मौजूद एलियन यानों के और वीडियो को जारी करने से किया मना. (फोटोः पिक्साबे)
US Navy ने उसके पास मौजूद एलियन यानों के और वीडियो को जारी करने से किया मना. (फोटोः पिक्साबे)

अमेरिकी नौसेना (US Navy) ने कहा है कि उनके पास एलियन यानों की साइटिंग के कई वीडियो हैं. एलियन यान यानी यूएफओ (UFO), जिसे अमेरिकी सरकार अनआइडेंटीफाइड एरियल फिनोमेना (UAP) कहती है. अमेरिकी नौसेना का कहना है कि हम अपनी देश की सुरक्षा के लिए इन वीडियोज़ को सार्वजनिक नहीं कर सकते. दुनिया को नहीं दिखा सकते. 

यूएस नेवी का मानना है कि वीडियो रिलीज करने से उनके देश को खतरा हो सकता है. इसलिए UFO के वीडियोज़ से जुड़े रहस्यों को वो छिपाकर ही रखना चाहते हैं. साल 2020 में अमेरिका के रक्षा विभाग ने UFO के तीन वीडियोज़ जारी किए थे. उन्हें डिक्लासीफाई किया था. वजह ये थी कि इनमें से कुछ क्लिपिंग्स किसी तरह से मीडिया में लीक हो गई थी. इसिलए नौसेना की मजबूरी थी कि वो इन वीडियोज़ को सार्वजनिक करें. 

इसके बाद अमेरिकी सरकार की ट्रांसपैरेंसी वेबसाइट ब्लैक वॉल्ट (Black Vault) ने एक फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन एक्ट (FOIA) रिक्वेस्ट डालकर अमेरिकी नौसेना से सभी UFO के वीडियो जारी करने की रिक्वेस्ट की. लेकिन अब ऐसा लगता है कि अमेरिकी नौसेना कोई गेम खेल रही है. दो साल इंतजार करने के बाद नौसेना ने FOIA रिक्वेस्ट को ठुकरा दिया है. नौसेना ने साफतौर पर और वीडियो रिलीज करने से मना कर दिया. 

अमेरिका को डर है कि एलियन यानों के वीडियो जारी करने से देश की सुरक्षा को खतरा होगा. (फोटोः पिक्साबे)
अमेरिका को डर है कि एलियन यानों के वीडियो जारी करने से देश की सुरक्षा को खतरा होगा. (फोटोः पिक्साबे)

हालांकि अमेरिकी नौसेना ने यह माना है कि उनके पास UAP वीडियोज़ हैं. ऐसे वीडियो को नौसेना 'गुप्त दस्तावेज' की श्रेणी में डालकर उसे सार्वजनिक करने से रोक देती है. हर बार उसके पीछे एक ही वजह होती है और वो है देश की सुरक्षा. नौसेना के FOIA दफ्तर के डिप्टी डायरेक्टर ग्रेगरी कैसन ने कहा कि जिन वीडियोज़ को जारी करने की मांग की जा रही है, उनमें क्लासीफाइड डेटा है, जिन्हें हम सार्वजनिक नहीं कर सकते. इस सूचना के बाहर आने से देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. इसलिए इन वीडियोज़ के किसी भी हिस्से को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. 

ग्रेगरी कैसन के लेटर में इस बात का भी जिक्र है कि साल 2020 में जो वीडियोज़ जारी किए गए थे, वो सिर्फ इसलिए किए गए थे क्योंकि उनके कुछ हिस्से मीडिया तक पहुंच गए थे. जनता उन क्लिपिंग्स पर सवाल उठा रही थी. ये क्लिपिंग्स आधिकारिक तौर पर रिलीज़ नहीं हुए थे. उन्हें अनाधिकारिक तौर पर जारी किया गया था. इसके बाद नौसेना ने इस बात की पुष्टि की तीनों वीडियो जारी करने से देश को कोई खतरा नहीं होगा. उसके बाद वीडियो जारी किए गए थे. नहीं तो इन्हें भी जारी नहीं किया जाता. हालांकि ब्लैक वॉल्ट ने इस फैसले के खिलाफ भी याचिका दी है. 

आजकल अमेरिकी सरकार और अधिकारी एलियन यानों को लेकर काफी लचर रवैया अख्तियार कर रहे हैं. तीनों वीडियो जारी करने के बाद 50 सालों में पहली बार इस साल मई में UFO दिखने पर चर्चा करने के लिए एक ओपन हाउस सबकमेटी बनाई गई. जिन्होंने पहली बार सार्वजनिक सुनवाई भी की थी. पिछली साल डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस के दफ्तर से भी UFO दिखने को लेकर कुछ रिलीज जारी किए गए थे. सरकार लगातार UAP से संबंधित जानकारियों को चुपचाप छिपा लेती है. उन्हें किसी भी तरह से बाहर नहीं आने दिया जाता. 

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