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6 महीने बाद स्पेस स्टेशन से लौटे चार अंतरिक्षयात्री, अटलांटिक में गिरा अंतरिक्षयान

अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन पर 6 महीने बिताने के बाद, चार एस्ट्रोनॉट्स पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लौट आए हैं. ये सभी अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स (SpaceX) के अंतरिक्षयान से ISS गए थे, जहां इन्होंने कई प्रयोग और अध्ययन किए. ये चारों स्पेस स्टेशन से पांच घंटे की यात्रा करके, शुक्रवार शाम करीब 4:55 बजे अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) में उतरे.

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170 दिनों तक बिना ग्रैविटी के रहा यह क्रू (PHOTO: AP)
170 दिनों तक बिना ग्रैविटी के रहा यह क्रू (PHOTO: AP)

स्पेसएक्स (SpaceX) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) भेजी गई चौथी लंबी अवधि के अंतरिक्ष यात्रियों की टीम शुक्रवार को पृथ्वी पर सुरक्षित लौट आई. ये टीम ऑर्बिट आउटपोस्ट पर करीब छह महीने के शोध के बाद, फ्लोरिडा (Florida) में अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) में उतरी.

स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल फ्रीडम में, नासा के तीन अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency) का एक इटालियन क्रू सदस्य मौजूद था. ये चारों स्पेस स्टेशन से पांच घंटे की यात्रा करके, शुक्रवार शाम करीब 4:55 बजे EDT (2055 GMT), पृथ्वी पर पहुंचे और पैराशूट से समुद्र में कूदे.  

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अंतरिक्ष यात्री केजेल लिंडग्रेन, जेसिका वाटकिंस, बॉब हाइन्स और सामंथा क्रिस्टोफोरेटी (Photo: Reuters)

फ्रीडम 27 अप्रैल को ऑर्बिट में पहुंचा था. इस क्रू में नासा के अंतरिक्ष यात्री 49 वर्षीय केजेल लिंडग्रेन (Kjell Lindgren), 34 वर्षीय जेसिका वाटकिंस (Jessica Watkins), 47 वर्षीय बॉब हाइन्स (Bob Hines), और इटली की 45 वर्षीय सामंथा क्रिस्टोफोरेटी (Samantha Cristoforetti) शामिल थीं. जेसिका वाटकिंस लंबी अवधि के आईएसएस मिशन में शामिल होने वाली पहली अफ्रीकी-अमेरिकी महिला बन गई हैं.

एस्ट्रोनॉट्स को कैप्सूल से बाहर निकालने में रिकवरी टीम को एक घंटे से भी कम समय लगा और इन यात्रियों ने 24 सप्ताह के बाद ताजी हवा में सांस ली. ये क्रू 170 दिनों तक ऐसे वातावरण में रहा जहां ग्राविटी नहीं थी और भार महसूस नहीं होता था. अंतरिक्ष से लौटने वाले हर अंतरिक्ष यात्री को हेलीकॉप्टर से फ्लोरिडा ले जाने से पहले, जहाज पर उनकी रुटीन मेडिकल जांच की गई. 

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प्रवेश के आखिरी चरण में, पैराशूट के दो सेट कैप्सूल के ऊपर खुल गए थे (Photo: AP)

किस तरह किया प्रवेश 

ऑर्बिट से लौटते हुए, पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय, घर्षण की वजह से तेज गर्मी पैदा हुई, जिससे कैप्सूल के बाहर का तापमान 1,930 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया.

प्रवेश के आखिरी चरण में, पैराशूट के दो सेट, कैप्सूल के ऊपर खुल गए, जिसने यान की गति को धीमा कर दिया. फ्लोरिडा के पानी से टकराने से पहले इसकी गति करीब 15 मील प्रति घंटे थी.

नासा के मुताबिक, अपने स्पेस स्टेशन में रहने के दौरान क्रू ने 2,720 बार पृथ्वी के चक्कर लगाए- करीब हर 90 मिनट में एक बार. क्रू ने अंतरिक्ष में करीब 11.6 करोड़ किमी की दूरी तय की.

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) की निजी रॉकेट कंपनी SpaceX ने मई 2020 से नासा एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में ले जाना शुरू किया था. इस टीम को क्रू-4 नाम दिया गया था, जो अंतरिक्ष यात्रियों का चौथा लंबी अवधि वाला ग्रुप था. 

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अपनी यात्रा के दौरान क्रू ने 2,720 बार पृथ्वी के चक्कर लगाए (Photo: AP)

इस क्रू ने अंतरिक्ष में क्या किया 

इस क्रू का मुख्य मिशन विज्ञान पर आधारित था, जिसमें कई प्रयोग और तकनीकी प्रदर्शन शामिल थे. इन्होंने माइक्रोग्रैविटी पर रिसर्च की, जिसमें एजिंग से जुड़ी मानव कोशिकाओं में बदलाव और प्रतिरक्षा प्रणाली में आहार में बदलावों के प्रभावों को डॉक्यूमेंट करना शामिल था.

 

उन्होंने भारहीनता (weightlessness) में आग और ईंधन के व्यवहार और मिट्टी की जगह तरल और वायु आधारित ग्रोथ मैटीरियल में पौधों की खेती पर भी स्टडी की. 

आपको बता दें कि ये टीम दीसरी टीम यानी क्रू-5 के अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने के एक हफ्ते बाद वहां से निकल आई. क्रू-5 में भी 4 लोग हैं, इनमें एक रूसी, एक जापानी और दो नासा एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं.

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