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भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर की मैराथन उड़ान, चंडीगढ़ से जोरहाट तक साढ़े सात घंटे की फ्लाइंग

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के चिनूक हेलिकॉप्टर ने लगातार साढ़े सात घंटे की उड़ान भरी. इस दौरान इसने 1910 किलोमीटर की यात्रा की. चिनूक एक हैवी-लिफ्ट हेलिकॉप्टर (Chinook Heavy-Lift Helicopter) है. जो भारी यंत्रों, उपकरणों को एक तरफ से दूसरी तरफ ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

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ये है भारतीय वायुसेना का चिनूक हेलिकॉप्टर. जो M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर टैंक भी उठा सकता है. (फोटो: IAF)
ये है भारतीय वायुसेना का चिनूक हेलिकॉप्टर. जो M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर टैंक भी उठा सकता है. (फोटो: IAF)

भारतीय वायुसेना के हैवी-लिफ्ट हेलिकॉप्टर चिनूक ने एक रिकॉर्ड यात्रा की है. एयरफोर्स के चंड़ीगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी. साढ़े सात घंटे में 1910 किलोमीटर की दूरी तय की, इसके बाद यह असम के जोरहाट एयरबेस पर उतरा. रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह किसी भारतीय हेलिकॉप्टर की इतने कम समय की पहली इतनी लंबी उड़ान थी. यह एक रिकॉर्ड है. 

चिनूक इससे पहले अप्रैल में भी इसी रूट पर लंबी उड़ान भर चुका है. लेकिन उस समय थोड़ा ज्यादा समय लगा था. दोनों ही बार हेलिकॉप्टर ने बिना रुके लगातार उड़ान भरी. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह उड़ान वायुसेना के सामंजस्य और हिम्मत को दर्शाती है. साथ ही वायुसेना की तीव्र कार्यप्रणाली और तेजी से कहीं भी अपने जवानों को भेजने की क्षमता को भी प्रदर्शित करती है. 

जोरहाट एयरबेस पर चिनूक हेलिकॉप्टर का स्वागत करते लोग. (फोटोः पीटीआई)
जोरहाट एयरबेस पर चिनूक हेलिकॉप्टर का स्वागत करते लोग. (फोटोः पीटीआई)

भारत के पास 15 Ch-47F(I) चिनूक ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर्स हैं. जिनका इस्तेमाल आपदा, राहत एवं बचाव के साथ-साथ युद्धक्षेत्रों में हथियार, टैंक, रसद और सैनिक पहुंचाने के लिए होता है. इन हेलिकॉप्टरों को मोदी सरकार ने साल 2015 में अमेरिका से एक डील के तहत खरीदा था.     

चिनूक हेलिकॉप्टरों ने लद्दाख में चीन के साथ चल रहे विवाद के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ये हेलिकॉप्टर चंडीगढ़ एयरबेस पर तैनात हैं. ये अपने साथ 11 टन वजन या 45 फुली लोडेड जवानों को ढो सकते हैं. चिनूक हेलिकॉप्टर M777 Ultra Light हॉवित्जर तोप को भी उठा कर कहीं भी आ-जा सकता है. 

अमेरिकी मालवाहक व परिवहन हेलिकॉप्टर. दुनिया के सबसे बड़े हेलिकॉप्टरों में से एक. इसमें तीन क्रू होते हैं. पायलट, को-पायलट, फ्लाइट इंजीनियर या लोडमास्टर. इस हेलिकॉप्टर में 33 से 55 सैनिक, 24 स्ट्रेचर या करीब 11 हजार किलोग्राम वजन उठाया जा सकता है. यह हेलिकॉप्टर 98 फीट लंबा होता है. चौड़ाई 12.5 फीट और ऊंचाई 18.11 फीट है. यह अधिकतम 315 किमी प्रतिघंटा की गति से उड़ता है. इसमें दो पंखे लगे होते हैं. इसकी रेंज 740 किमी है. यह अधिकतम 20 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है. इसमें 3 पिंटल-माउंटेड मीडियम मशीन गन या एम134 मिनिगन रोटरी मशीन गन तैनात कर सकते हैं. 

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