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नाग पंचमी की महिमा और महत्व, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

इस नाग पंचमी पर लगभग सवा 100 साल पुराना दुर्लभ संयोग बन रहा है क्योंकि नागपंचमी पर दिन सोमवार होगा तथा नक्षत्र हस्त होगा.

ग पंचमी पर पूजा अर्चना करके जीवन की सभी मुश्किलों को बहुत आसानी से दूर किया जा सकता है. ग पंचमी पर पूजा अर्चना करके जीवन की सभी मुश्किलों को बहुत आसानी से दूर किया जा सकता है.

श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है. श्रावण मास में पंचमी तिथि पर जन्म कुंडली में  सर्प दोष तथा राहु केतु की शांति के निवारण के लिए पूजा-अर्चना की जाती है. नाग पंचमी पर पूजा अर्चना करके जीवन की सभी मुश्किलों को बहुत आसानी से दूर किया जा सकता है.

इस नाग पंचमी पर लगभग सवा 100 साल पुराना दुर्लभ संयोग बन रहा है क्योंकि नागपंचमी पर दिन सोमवार होगा तथा नक्षत्र हस्त होगा. इसी कारण नाग पंचमी पर पूजा-अर्चना करने से नौकरी व्यापार स्वास्थ्य आदि की समस्याएं दूर हो जाएंगी

नाग पंचमी पर करें सेहत की समस्या को दूर

-  नाग पंचमी के दिन सुबह के समय जल्दी उठे और स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहने

-  एक स्टील के लोटे में जल भरे तथा उसमें दो बूंद गंगाजल मिलाकर ताजा कुशा की पत्तियां डालें

- एक आसन पर बैठकर  जो व्यक्ति बीमार है उसके लिए प्रार्थना करते हुए हाथ में जल लेकर संकल्प करें

-  भगवान शिव के मंदिर पहुंचकर एक आसन पर बैठकर ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें

-  तथा यह जल एक धारा के साथ शिवलिंग पर अर्पण कर दें

-  मन ही मन भगवान शिव से बीमार व्यक्ति के लिए प्रार्थना करें

नाग पंचमी पर क्या करें क्या ना करें और कौन सी बरतें सावधानियां

- शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पूर्णा तिथि होती है इस दिन संयोगवश सोमवार और नाग पंचमी होने से इस दिन की महत्वता बढ़ जाती है

- इस दिन हो सके तो कहीं पर भी जमीन की खुदाई ना करें तथा छोटे जीव जंतुओं की रक्षा करने का प्रयत्न करें

- बीमार पशु पक्षियों को हो सके तो अस्पताल तक पहुंचाने की कोशिश करें

- तथा पूजा पाठ में शुद्ध सामग्री ही भगवान शिव को अर्पण करें

कैसे करें श्री सर्प सूक्त का पाठ ताकि मिले महा वरदान

- श्रावण मास की नागपंचमी पर श्री सर्पसूक्त का पाठ करना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है

- नाग पंचमी के दिन सुबह या शाम के समय एक पटरे पर सवा मीटर सफेद वस्त्र बिछाकर भगवान शिव या नाग के किसी चित्र को स्थापित करें

-घी का दीपक जलाएं तथा  रोली मोली चावल धूप  फल फूल मिठाई आदि से पूजा करें

-ब्रह्मलोकेषु ये सर्पा शेषनाग परोगमा:।

नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा|| इस प्रकार श्री सर्पसूक्त का पाठ आसन पर बैठकर करें

-  श्री सर्प सूक्त का पाठ करने से घर में धन /सेहत की समस्या व्यापार नौकरी आदि की समस्या तथा पारिवारिक कलह क्लेश हमेशा के लिए नष्ट हो जाते हैं.

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