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Badrinath Yatra 2021: बद्रीनाथ के कपाट इस तारीख से हो रहे बंद, शीतकाल को लेकर देवस्थानम बोर्ड ने जारी किए निर्देश

Badrinath temple closing date: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 20 नवंबर 2021 को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिये बंद कर दिये जाएंगे. प्रत्येक साल सर्दी के मौसम में बर्फबारी आदि को देखते हुए कपाट बंद कर दिए जाते हैं. इसके साथ ही उत्तराखंड की वार्षिक चारधाम यात्रा समाप्त हो जाएगी.

शीतकाल को लेकर देवस्थानम बोर्ड ने जारी किये निर्देश शीतकाल को लेकर देवस्थानम बोर्ड ने जारी किये निर्देश
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बद्रीनाथ के कपाट 20 नवंबर की शाम को हो जाएंगे बंद
  • दो दिन पहले शुरू हो जाती है कपटा बंद होने की प्रकिया

उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के चार प्रसिद्ध हिमालयी मंदिरों को 'चारधाम' के नाम से जाना जाता है. सर्दियों में इन चारों धामों पर भारी बर्फबारी के कारण मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. चारधाम देवस्थानम बोर्ड द्वारा एएनआई को दी गई जानकारी के अनुसार बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 20 नवंबर 2021 की शाम 6:45 बजे से पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे. वहीं केदारनाथ और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट सर्दियों के लिए 6 नवंबर से बंद हो रहे हैं, जबकि गंगोत्री के कपाट 5 नवंबर को बंद किए जाएंगे. 

सितंबर माह में यात्रा को मिली थी मंजूरी 
बता दें कोरोना महामारी की लहर को लेकर चारधाम यात्रा इस बार भी देरी से शुरू हुई. हाईकोर्ट ने सितंबर माह में चार धाम यात्रा पर लगी रोक हटाई थी. हाईकोर्ट ने कुछ नियमों (Covid protocols) के साथ चार धाम यात्रा की मंजूरी दे दी थी, जिसमें बद्रीनाथ धाम में 1200, केदारनाथ धाम में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री धाम में कुल 400 लोगों को जाने की अनुमति थी. इसके अलावा यहां आने वाले यात्रियों को अपने साथ कोविड नेगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट भी लाना अनिवार्य किया गया था. 

पर्यटन को भारी नुकसान
पिछले दो साल से बंद चार धाम यात्रा की वजह से कारोबारियों और पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है. इसे लेकर व्यापारी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं बद्रीनाथ धाम में साधु संत भी सरकार के खिलाफ मैदान में उतर आए थे, जिसके बाद चार धाम यात्रा को हाईकोर्ट से मंजूरी मिल गई, लेकिन अब शीतकाल को देखते हुए फिर से कपाट बंद हो रहे हैं. 

 

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