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Udaipur Murder Case: वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले से लेकर बाली अटैक तक, जानें 'अलकायदा' का खूनी इतिहास

Udaipur Murder Case: वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले से लेकर बाली अटैक तक, जानें 'अलकायदा' का खूनी इतिहास

Udaipur Murder Case: उदयपुर के कातिलों का अब तक बेशक सीधा-सीधा किसी आतंकी संगठन के साथ लिंक सामने ना आया हो, लेकिन रियाज और गौस के दिमाग में नफरत का जहर भरा हुआ था, इसमें कोई दो राय नहीं है. ऊपर से एक सच्चाई ये भी है कि दोनों पाकिस्तान के ही एक संगठन दावत-ए-इस्लामी से भी जुड़े हुए थे. कहने को तो पाकिस्तान का ये संगठन खुद को गैर सियासी इसलामी संगठन बताता है, लेकिन सूत्रों की मानें तो दावत-ए-इस्लामी शरिया क़ानून लागू करने के मकसद से चलता है और खुफिया सूत्रों का कहना है कि रैडिकल इस्लाम फैलाने में इसका बड़ा रोल रहा है. ठीक इसी तरह और भी कई संगठन मज़हब की आड़ में आतंक की फसल बोने और काटने का काम कर रहे हैं। इनमें एक नाम तहरीक एक लब्बैक का भी है. पाकिस्तान के पंजाब इलाके में एक्टिव इस संगठन के पीछे असल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का दिमाग है, जो अपने ज़रूरत के हिसाब से आतंकियों को पालती है. इसकी शुरुआत 2017 में खादिम हुसैन रिजवी ने की थी. जानें क्या है अलकायदा का खूनी इतिहास.

Udaipur Murder Case: The murderers of Udaipur may not have been directly linked with any terrorist organization till now, but it may seems like the minds of Riyaz and Ghaus have already been washed. As per the sources, it has revealed that both were also associated with Dawat-e-Islami, an organization of Pakistan. To say, this organization of Pakistan describes itself as a non-political Islamic organization, but if sources are to be believed, Dawat-e-Islami runs for the purpose of implementing Sharia law and intelligence sources say that it played a big role in spreading Radical Islam. Watch this video to know the history of Al Qaeda.

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