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जैसलमेर में गहलोत के सामने लगे मोदी-मोदी के नारे, CM ने मुस्कुराकर किया अभिवादन

शुक्रवार को अशोक गहलोत ने रामदेवरा मंदिर में पूजा-अर्चना की. मोदी-मोदी के नारे के साथ स्वागत को लेकर कहा जा रहा है कि यहां भीड़ या तो मुख्यमंत्री को पहचान नहीं सकी या फिर स्पष्ट रूप से चुटकी ली है. हालांकि, मंदिर परिसर में मोदी-मोदी के नारों के बीच गहलोत को मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ देखा गया.

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को जैसलमेर पहुंचे थे.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को जैसलमेर पहुंचे थे.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने जैसलमेर में मोदी-मोदी के नारे लगाए जाने का वीडियो सामने आया है. मुख्यमंत्री गहलोत शुक्रवार को वहां रामदेवरा मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. जब सीएम दर्शन करने के बाद लौट रहे थे, तभी कैंपस में मौजूद भीड़ नारेबाजी करने लगी. हालांकि, मास्क लगाए गहलोत ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया और आगे बढ़ गए.

जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर में गहलोत का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें गहलोत और सुरक्षा कर्मी मंदिर से निकल रहे हैं और वहां मौजूद भीड़ मोदी-मोदी के नारे लगा रही है.

शुक्रवार को अशोक गहलोत ने रामदेवरा मंदिर में पूजा-अर्चना की है. मोदी-मोदी के नारे लगाए जाने को लेकर कहा जा रहा है कि यहां भीड़ या तो मुख्यमंत्री को पहचान नहीं पाई या फिर स्पष्ट रूप से चुटकी ली है. हालांकि, मोदी-मोदी के नारों के बीच गहलोत को मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ देखा गया. उन्होंने मंदिर में भीड़ का अभिवादन किया. 

राजस्थान को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है: गहलोत

वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर अजीब दलील दी है. गहलोत ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के 56 फीसदी दर्ज केस झूठे हैं. उन्होंने आगे कहा कि NCRB के आंकड़ों का गलत विश्लेषण कर राजस्थान को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, गहलोत का सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो चर्चा में है.

गहलोत ने पूछा- कौन रेप करता है?

गहलोत ने कहा कि हमारा विपक्ष अफवाह फैलाता है कि रेप हो रहे हैं और अपराध बढ़ गए हैं. उन्हें NCRB रिपोर्ट का एक पैराग्राफ पढ़ने को कहें. यह कहता है कि हर राज्य की अलग-अलग स्थितियां और दृष्टिकोण हैं. यहां अपराध नियंत्रण में है. गहलोत ने आगे कहा कि कौन रेप करता है? ज्यादातर अपराधी लड़की के रिश्तेदार, परिचित और परिवार होते हैं. महिलाओं के खिलाफ अपराधों के 56% मामलों में झूठे आंकड़े हैं, झूठे केस हैं. हमने कार्रवाई शुरू की है. झूठे मामले दर्ज करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए ताकि वे राज्य सरकार और पुलिस को बदनाम करने की हिम्मत ना दिखा सकें. 

 

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