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हल्‍ला बोल: महबूबा मुफ्ती को कश्मीरी पंडितों का दर्द हल्‍का क्‍यों लगता है?

क्या कश्मीरी पंडितों के दर्द पर राजनीति शुरू हो गई है? क्या कश्मीर में अब मेरा दर्द तेरा दर्द की राजनीति होगी? ये विवाद शुरू हुआ है जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के ट्वीट से. महबूबा ने ट्वीट में कहा है कि साल 1990 में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के सामूहिक पलायन के लिए कश्मीरी मुस्लिमों को जिम्मेदार ठहराना, कश्मीरी मुस्लिमों के साथ अन्याय है.  कश्मीरी पंडितों का दर्द और तकलीफ अब दक्षिणपंथी चरमपंथियों के लिए एक हथियार बन चुकी है. महात्मा गांधी ने जिस धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की परिकल्पना की थी, वो अब एक निरंकुश शासन में बंधक बन चुका है. आज के हल्ला बोल में हमारी बहस का यही मुद्दा है क्या कश्मीरी पंडितों के दर्द पर सियासत ठीक है? क्या महबूबा ये बताना चाहती हैं कि सरकार को सिर्फ कश्मीरी पंडितों को चिंता है कश्मीरियों की नहीं.

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