scorecardresearch
 

आजतक रेडियो

सुनता है सारा जहाँ

Gulshan Bawra lyricist

गुलशन मेहता, रेलवे की नौकरी छोड़ गीतों का सफ़र चुनने वाला 'बावरा' गीतकार: नामी गिरामी, Ep 92

12 अप्रैल 1937 को पंजाब के गांव शेख़ुपुरा में गुलशन बावरा पैदा हुए. उन्हें जीवन में विभाजन की त्रासदी का ऐसा दर्द मिला जिसमें मां-बाप दोनों को खो दिया लेकिन इसे उन्होंने कभी ज़ाहिर नहीं होने दिया. उन्होंने भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री को क़रीब 250 गाने दिए और इनमें से बड़ी संख्या में सुपरहिट रहे. नामी गिरामी के इस एपिसोड में सुनिए गीतों के गुलशन को महकाने वाले बावरे गीतकार का सफ़रनामा अमन गुप्ता के साथ.

अपनी पसंद के पॉडकास्ट सुनने का आसान तरीका, हमें सब्सक्राइब करें यूट्यूब और टेलीग्राम पर.फेसबुक पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें.

 

ये भी सुनिए