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आजतक रेडियो

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Nami Girami Bhartendu Harishchandra

जयंती विशेष: हिंदी को नई चाल में ढालने वाले लेखक थे भारतेंदु हरिश्चंद्र

भारतेंदु हरिश्चंद्र, हिंदी साहित्य में ऐसे लेखक हुए जो महज़ 34 बरस जिये लेकिन हिंदी भाषा और साहित्य को इतना कुछ दे गए कि जिस पर चलकर बाद के लेखकों ने अपनी राह बनाई. साहित्य का जो स्वरूप आज हम देखते हैं उसके मूल में उनका और उनके युग के रचनाकारों का बहुत बड़ा योगदान रहा है. हिंदी साहित्य में आधुनिकता के अगुआ भारतेंदु हरिश्चन्द्र के लेखन की क्या थी ख़ासियत, क्या था उनका पत्रकारिता, नाटक, कविता, निबंध जैसी विधाओं में योगदान, सुनिए आज तक रेडियो के इस पॉडकास्ट में अंजुम शर्मा के साथ. कार्यक्रम की साउंड मिक्सिंग की है सचिन द्विवेदी ने.