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आजतक रेडियो

सुनता है सारा जहाँ

shubham yadav islamic studies topper

21 साल के इस लड़के से समझिए, दूसरे धर्मों को पढ़ना क्यों ज़रूरी है

धर्म की पढ़ाई एक मज़ेदार चीज़ है. वो धर्म में आस्था के साथ भी की जा सकती है और आस्था के बिना सिर्फ आस्था को समझने के लिए भी की जा सकती है ताकि कुछ ग़ैरज़रूरी भ्रम दूर हो सकें और इस समाज के बारे में हमारी समझ भी बेहतर हो.

पॉड ख़ास में कुलदीप मिश्र ने बात की है शुभम यादव से, जिन्होंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के इस्लामिक स्टडीज़ के एंट्रेंस एग्ज़ाम में टॉप किया है. पहली बार ऐसा हुआ है कि एक ग़ैर मुस्लिम ने यहां की इस्लामिक स्टडीज़ एंट्रेंस में टॉप किया है. शुभम 21 साल के हैं, फिलॉस्फी ग्रेजुएट हैं और इनके विचार बहुत ही मज़ेदार हैं. सुनिए.

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