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चीन के चक्कर में पड़ी थी भारत के वामपंथियों में फूट?

1962 से पहले भारत और चीन के संबंध भाई-भाई के थे लेकिन फिर चीन ने भारत पर अचानक जंग थोपी जिसके बाद हमेशा के लिए हिंदुस्तान चीन से सतर्क हो गया.  इस जंग के बाद से दोनों देशों के रिश्ते तो नई तरह से परिभाषित हुए ही, भारत की राजनीति पर भी असर पड़ा. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी में फूट पड़ गई. एक धड़ा रह गया सीपीआई और नये वाले हुए सीपीएम. इसके बाद तो वामपंथियों के कई गुट अपनी वजहों से बनते गए. मगर भारत-चीन जंग वाली टूट सबसे चर्चित है. इस टूट फूट के सही कारण क्या थे, क्या बस चीनी हमला इसकी वजह था, जो लोग चीन का समर्थन कर रहे थे उनके तर्क क्या थे.. वो कौन थे जो कहते थे चीन का चेयरमैन हमारा चेयरमैन… इन तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए नितिन ठाकुर ने बात की मशहूर लेखक अशोक कुमार पांडेय से.