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MP: एक्सीडेंट में गई पति की जान तो खुदकुशी करने जहांगीर महल पहुंच गई पत्नी और...

एमपी के निवाड़ी में पति की मौत से दुखी एक महिला जहांगीर महल में खुदकुशी के इरादे से चढ़ गई. महिला महल के ऐसे हिस्से में पहुंच गई जहां जाने का कोई रास्ता नहीं था. उसके रेस्क्यू के लिए थोड़ी ही देर में पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया. पूरी प्लानिंग के साथ तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बचाया गया.

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पति अमित की मौत से दुखी थी नीलम. पति अमित की मौत से दुखी थी नीलम.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खुदकुशी के लिए जहांगीर महल पर चढ़ी महिला
  • पति की मौत के सदमे में उठाया ऐसा कदम
  • तीन घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बचाई जान

मध्य प्रदेश के निवाड़ी में पति की मौत का सदमा पत्नी को इस कदर लगा कि वह खुदकुशी करने के लिए ओरछा स्थित जहांगीर महल पहुंच गई. लेकिन पुलिस, पुरातत्व विभाग, प्रशासन और परिवार के लोगों ने महिला को बचा लिया. महिला का नाम नीलम अहिरवार है. बताया जा रहा है कि नीलम के पति का इसी हफ्ते मऊरानीपुर हाईवे पर एक्सीडेंट हो गया था, जिसके बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

पति की मौत से नीलम इस कदर दुखी हो गई कि पहले उसने ओरछा की बेतवा नदी में कूदकर खुदकुशी करने का मन बनाया. लेकिन वहां काफी लोग होते हैं इसलिए महिला ने खुदकुशी करने के लिए जहांगीर महल को चुना. जैसे ही नीलम खुदकुशी के लिए महल पर चढ़ी वहां मौजूद लोगों ने उसे देख लिया और पुलिस को सूचना दी. 

तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नीलम को सुरक्षित महल से नीचे उतारा गया. महिला का रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल था क्योंकि एक तरफ संसाधनों की कमी थी तो दूसरी तरफ महिला अपनी जान देने अड़ी हुई थी. रेस्क्यू टीम के जवानों को छज्जे तक पहुंचाने के प्रयास किए गए. हालात बेहद गंभीर थे क्योंकि डर था कि किसी को आता देख महिला कुछ गलत ना कर बैठे.

इसी बीच नीलम के परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उसके पिता और मृतक पति के दोस्त वहां पहुंचे. उनके समझाने का भी कोई असर नहीं हुआ. उधर, ओरछा थाना प्रभारी अभय प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ संसाधनों को जुटाने में लग गए. तहसीलदार संदीप शर्मा भी डॉक्टरों की एक टीम को वहां लेकर पहुंचे.

महिला को बचाने के लिए चला तीन घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन.
महिला को बचाने के लिए चला तीन घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन.

फेंकने शुरू किए जेवरात
सभी अधिकारी महिला को बातों में उलझाकर रखना चाहते थे, लेकिन महिला थी कि मानने को तैयार ही नहीं थी. महिला ने अपने सभी जेवरात नीचे फेंकने शुरू कर दिए. बता दें कि महल के जिस छज्जे पर नीलम बैठी थी, वहां जाने का कोई खास रास्ता नहीं था. नीलम उस छज्जे पर कूद कर पहुंची थी. इस वजह से उसके हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आ गईं.

छोटी बहन के समझाने पर मानी
सभी नीलम को समझा रहे थे कि वह ऐसा कदम ना उठाए. तभी, नीलम की छोटी बहन वहां पहुंचती है. उसके काफी देर समझाने के बाद नीलम मान जाती है. फिर पुलिस वाले उसे सही सलामत वापस नीचे ले आते हैं. इस पूरे रेस्क्यू में करीब 3 घंटे लग गए. तब तक वहां मौजूद सभी लोगों की सांसे हलक में अटकी हुई थीं कि कहीं महिला कुछ गलत ना कर ले.

पिछले साल नीलम ने की थी अमित से लव मैरिज
दरअसल, निवाड़ी की नीलम ने मऊरानीपुर के अमित अहिरवार से पिछले साल लव मैरिज की थी. अमित मऊरानीपुर का बहुत अच्छा फोटोग्राफर था. इनकी शादी को अभी एक ही साल हुआ था कि 4 दिन पहले सड़क दुर्घटना में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई. इसके बाद महिला झांसी से ओरछा आ गई और यहां के जहांगीर महल पर खुदकुशी के इरादे से चढ़ गई.

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