scorecardresearch
 

10 करोड़ का मकान, 4 फ्लैट, 5 प्लॉट... नगर निगम इंजीनियर के घर छापे में मिली अकूत काली दौलत

मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त ने नगर निगम में कार्यरत एक सहायक इंजीनियर के घर पर छापा मारा, जहां करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. पुलिस को उनके ठिकानों से चार फ्लैट, दो मकान और पांच प्लॉट के कागजात मिले हैं.

X
इंजीनियर के घर लोकायुक्त का छापा इंजीनियर के घर लोकायुक्त का छापा

मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम के एक और भ्रष्ट अधिकारी की काली कमाई उजागर हुई है. इस बार लोकायुक्त ने नगर निगम में कार्यरत सहायक इंजीनियर देवानंद पाटिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केस दर्ज किया है.

नौकरी में रहते हुए नगर निगम के सहायक इंजीनियर देव आनंद पाटिल की अब तक वेतन से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन पाटिल ने इंदौर के धारकोटे में करीब 10 करोड़ रुपये का 2 मंजिला मकान बना रखा है.

वहीं विभाग में सूचना दिए बगैर तीन खेती वाली जमीन भी खरीद रखी है. लोकायुक्त डीएसपी आनंद यादव के मुताबिक नगर निगम सहायक इंजीनियर देव आनंद पाटिल ने लॉकडाउन के दौरान दो प्लॉट की खरीददारी की थी. 

फिलहाल देवानंद पाटिल रीजनल पार्क प्रभार में हैं और वह निगम के कई जोन में जोनल अफसर भी रह चुके हैं. लोकायुक्त की शुरुआती जांच में जानकारी मिली थी कि नगर निगम सहायक इंजीनियर पाटिल ने अपनी कमाई से करीब 50% से ज्यादा पैसा अर्जित कर रखा है. 

स्वर्णा रेसिडेंसी में फ्लैट नंबर 102, 116 सहित शहर के कई पॉश इलाकों में प्लॉट और फ्लैट की जानकारी भी लोकायुक्त को मिली है. लोकायुक्त डीएसपी आनंद यादव ने बताया कि नगर निगम के सहायक इंजीनियर देव आनंद पाटिल को हृदय से जुड़ी बीमारी है और इसी के चलते वह पिछले लंबे समय से छुट्टी पर चल रहे थे. 

फिलहाल लोकायुक्त ने उनके घर पर आय से अधिक संपत्ति के सबूत मिलने के आधार पर कार्रवाई की है. सहायक इंजीनियर के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है. लोकायुक्त उनकी अन्य संपत्तियों और मेडिकल हिस्ट्री  को भी खंगाल रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम के सहायक इंजीनियर देवानंद पाटिल ने धारकोठी इलाके में दो मंजिला मकान लॉकडाउन के दौरान खरीदा था, जिसका बाजार भाव अभी करीब 10 करोड़ रुपये है.

इसके अलावा कई बैंक खाते, लॉकर, एफडी की जानकारी भी लोकायुक्त को मिली है. देवानंद पाटिल के घर से पांच प्लॉट, दो मकान, चार फ्लैट, एफडी, बीमा पॉलिसियां मिली है जिनकी कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक मानी जा रही है.  

देवानंद पाटिल के बेटे और बेटी की पढ़ाई कोलकत्ता में हो रही है. पटिल नगर निगम में 1989 में प्रभारी एक्जक्यूटिव इंजीनियर के पद पर नियुक्त हुए थे और 1995 में वो स्थायी तौर पर नियुक्त हो गए थे. उनकी अभी तक की आय 1 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती लेकिन जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है.

लोकायुक्त ने देवानंद पाटिल के बैंक अकाउंट की भी जानकारी बैंकों से मांगी है जिसके लिए बैंकों को पत्र भी लिखा गया है. जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का दायरा बढ़ सकता है.


 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें