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MP: 'केला' बना मौत का कारण, गुस्साए हाथी ने केयरटेकर को सूंड से उठाकर पटका

हाथी को दिया केला उसकी देखरेख करने वाले ने अपने झोले में रख लिया था. इस बात से गुस्साए हाथी ने व्यक्ति को अपनी सूंड में लपेटकर जोर से जमीन पर दे मारा. इस घटना में व्यक्ति बुरी तरह जख्मी हो गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों ने हाथी की मानसिक स्थिति की जांच की है.

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हमला करने वाला हाथी ( फाइल फोटो )
हमला करने वाला हाथी ( फाइल फोटो )

मध्य प्रदेश के सिवनी में अजीब घटना हुई. यहां एक हाथी ने मंगलवार को अपनी देखरेख करने वाले शख्स की जान ले ली. हाथी ने सूंड से उठाकर केयर टेकर को इतनी जोर से पटका कि वो गंभीर घायल हो गया. इलाज के दौरान ने उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया. अब हाथी को पुलिस ने गांव से दूर बांधकर रखा है. वेटनरी डॉक्टरों ने हाथी के मानसिक स्थिति की जांच भी की है.

झोले में केले रखने से हुआ नाराज
घटना की जानकारी देते हुए महावत गोविंद गिरी ने बताया, "हम लोग सिवनी की तरफ से आ रहे थे. रास्ते में बंडोल गांव में आराम करने के लिए एक जगह रुक गए. दोपहर करीब 12 बजे एक ट्रक ड्राइवर वहां से गुजर रहा था. उसने रुककर कुछ केले हाथी को खाने के लिए दिए. तभी दमोह के रहने वाले हमारे साथी भरत वासुदेव (56) ने ट्रक ड्राइवर से केले लेते हुए अपने झोले में रख लिए."

उन्होंने आगे बताया, "इस बात पर हाथी अचानक से गुस्से में आ गया. उसने भरत वासुदेव को अपनी सूंड़ से उठाकर जोर से नीचे पटक दिया. भरत बुरी तहर से जख्मी होकर बेहोश हो गया. जैसे-तैसे हमने हाथी को काबू में किया और पुलिस को इसकी जानकारी दी."

पुलिस को घटना की जानकारी देते मृतक के अन्य साथी

अस्पताल में तोड़ दिया दम 
हाथी के हमले की जानकारी बंडोल थाना पुलिस को मिली, तो वो मौके पर पहुंची. घायल भरत को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया. डॉक्टरों ने भरत वासुदेव का इलाज किया, लेकिन उसकी मौत हो गई. मृतक का पोस्टमार्टम किया जा रहा है. उसके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है.

इस घटना पर बंडोल थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर का कहना है, "हाथी के हमले के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है. हाथी को लेकर साधुओं का समूह जगह-जगह घूमता है और भिक्षा मांगता है. हमला करने वाले हाथी को गांव के बाहर ही पुलिस की निगरानी में रुकवाया गया है."

उन्होंने आगे कहा, "हाथी की मानसिक जांच के लिए पेंच नेशनल पार्क से वेटनरी डॉक्टरों की एक टीम को बुलाया गया था. उन्होंने हाथी की जांच की है. फिलहाल हाथी को यहीं पर रोक रखा है. डॉक्टरों की कहने पर ही आगे का एक्शन लिया जाएगा कि हाथी को छोड़ना है या नेशनल पार्क भेजा जाए."


 

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