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MP: शव वाहन नहीं मिला तो बाइक पर 80 किमी ले गए मां का शव

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. शहडोल मेडिकल कॉलेज में एक महिला को सीने में दर्द के बाद भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इसके बाद उसके परिजन शव वाहन की तलाश करते रहे, लेकिन शव वाहन नहीं मिला.

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शव वाहन नहीं मिला तो बाइक से ले गए शव. शव वाहन नहीं मिला तो बाइक से ले गए शव.

मध्य प्रदेश के शहडोल मेडिकल कॉलेज में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक अपनी मां की मौत के बाद शव वाहन तलाश करता रहा, लेकिन जब शव वाहन नहीं मिला तो उसने लकड़ी का तख्ता खरीदा और उसमें शव को बांधकर बाइक से 80 किलोमीटर दूर अपने गांव ले गया. यह मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज के डीन ने सफाई देते हुए कहा कि उनसे शव वाहन की मांग ही नहीं की गई.

जानकारी के अनुसार, अनूपपुर के जिले के गोडारु गांव की महिला जयमंत्री यादव को सीने में तकलीफ के बाद शहडोल के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, लेकिन 31 जुलाई को महिला की मौत हो गई. महिला की मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए सरकारी शव वाहन नहीं मिला, जबकि प्राइवेट शव वाहन वाले 5 हजार रुपये मांग रहे थे, जो परिजनों के पास नहीं थे.

विवश होकर महिला के बेटों ने बाजार से लकड़ी का तख्ता खरीदा और किसी तरह उसी में शव बांधकर बाइक से 80 किलोमीटर दूर अपने गांव ले गए. वहीं इस मामले को लेकर जब शहडोल मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर से बात की गई तो उनका कहना था कि शव वाहन के बारे में उनसे किसी ने कोई मांग ही नहीं की.

सरकार ने 700 करोड़ रुपये खर्च कर आदिवासी जिले शहडोल में मेडिकल कॉलेज खोला था, ताकि जिले के आदिवासियों को बेहतर सुविधा मिल सके. हालांकि स्थानीय लोगों का कहनाहै कि यहां की व्यवस्था में न तो गरीबों को सही उपचार मिल पा रहा है, न मौत के बाद शव वाहन.

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