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साहित्य आजतक मुशायरा: मेरे तकिये से तेरे कान की बाली निकल आई...

साहित्य आजतक मुशायरा: मेरे तकिये से तेरे कान की बाली निकल आई...

साहित्य आजतक 2018 के तीसरे और आखिरी दिन देश के बड़े शायरों ने अपनी शायरी से लोगों का दिल जीत लिया.  मुशायरे में मशहूर शायर तनवीर गाजी की शायरी की महफिल में खूब तारीफ हुई. दुखी मौसम में एक लम्हे की खुशहाली निकल आई, मेरे तकिये से तेरे कान की बाली निकल आई...तुम्हारे नाम कच्ची कब्र की मिट्टी पर लिखा था, जहां थे शब्द उस हस्से पर हरियाली निकल आई... सुनिए पूरी शायरी.

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