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साहित्य आजतक: 'लेखक समाधान देते ही फेल हो जाता है'

साहित्य आज तक के दूसरे दिन 'साहित्य कल आज और कल' पर चर्चा हुई. साहित्य क्या है? इसका कल कैसा था, आज कैसा है और कल यह कैसा होगा, इस पर चर्चा के लिए हिंदी की चर्चित कथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ और दिव्य प्रकाश दुबे मौजूद थे. आज की चलती-फिरती किताबों के मैसेज पर मनीषा ने कहा कि लेखक समाधान नहीं दे सकता. लेखक समाधान देते ही फेल हो जाता है. To License Sahitya Aaj Tak Images & Videos visit www.indiacontent.in or contact syndicationsteam@intoday.com

Second day of Sahitya Aajtak 2018, Writer Manisha Kulshreshtha and Divya Prakash Dubey shared their views in the session Sahitya Kal Aaj Aur Kal. They also talked about present scenario of literature.

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