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साहित्य आजतक: 'जिन्हें अपनी हालत का अहसास नहीं, साहित्य उनके लिए'

साहित्य आजतक के दूसरे दिन के 'किसके लिए साहित्य' सत्र में लेखक अरुण कमल, ऋषिकेश सुलभ और मैत्रेयी पुष्पा ने हिस्सा लिया. इस सत्र के दौरान मैत्रेयी पुष्पा ने कहा कि साहित्य उन पिछड़े वंचितों के लिए है जिनको अपने हालात का भी अहसास नहीं है.To License Sahitya Aaj Tak Images & Videos visit www.indiacontent.in or contact syndicationsteam@intoday.com

Writer Maitrayi Pushpa, Hrishikesh Sulabh and Arun Kamal attended the session Kiske Liye Sahitya on the second day of the ongoing three day Sahitya Aaj Tak programme in New Delhi. In this session, Maitrayi Pushpa said, Literature is for those under privileged people who do not have a sense of their circumstances.

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