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साहित्य आजतकः गिन्नी माही ने क्रांतिकारी गीतों से बांधा समां

साहित्य आजतकः गिन्नी माही ने क्रांतिकारी गीतों से बांधा समां

साहित्य आजतक' के हल्लाबोल मंच का चौथा सत्र 'डेंजर दलित' में युवाओं के दलित आंदोलन की आवाज बन चुकीं जालंधर की दलित लोक गायिका गुरकंवल भारती उर्फ गिन्नी माही ने अपने क्रांतिकारी गीतों से समां बांधा. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को अपना आदर्श मानने वाली गिन्नी ने कहा कि यदि आज हम लड़कियां इस मंच पर हैं, तो वो बाबा साहेब की बदौलत है. इस सत्र की शुरुआत गिन्नी ने लड़कियों को समर्पित पंजाबी गीत से किया. देखिए पूरा वीडियो.

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