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अशोक वाजपेयी बोले- साहित्य कोई समाज नहीं गढ़ता

साहित्य आजतक के दूसरे दिन के 'आज का साहित्य' सत्र में मशहूर कवि अशोक वाजपेयी, उपन्यासकार अलका सरावगी और लेखक-आलोचक मैनेजर पांडेय ने शिरकत की. इस सत्र के दौरान मैनेजर पांडेय ने समकालीन समाज पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी भारतीय समाज में ऐसे लोग हैं जो अतीत के साहित्य, कला और संगीत को जानते हुए कुछ नया रचने, गढ़ने की कोशिश करते हैं. वहीं अशोक वाजपेयी ने कहा कि साहित्य कोई समाज नहीं गढ़ता है. बल्कि साहित्य एक व्यक्ति रच रहा है.

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