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उर्दू को मजहब से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण: रक्षांदा जलील

उर्दू को मजहब से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण: रक्षांदा जलील

साहित्य आज तक के सत्र 'उर्दू कितनी हिंदुस्तानी' में बात की गई कि किसी भी भाषा का इलाके और मजहब से क्या रिश्ता है. इस पर लेखिका रक्षांदा जलील ने बताया कि इस मामले में उर्दू बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रही है क्योंकि इलाके और मजहब का सवाल सिर्फ उर्दू के साथ ही है. तमिल श्रीलंका में भी बोली जाती है और भारत में भी बोली जाती है. लेकिन उसे धर्म से नहीं जोड़ा जाता है.

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