scorecardresearch
 

साहित्य आज तक 2017 के 'कबीर लोक' में प्रह्लाद तिपन्या

साहित्य आज तक 2017 के 'कबीर लोक' में प्रह्लाद तिपन्या

साहित्य आज तक 2017 के 'कबीर लोक' सत्र में लोक गायक प्रह्लाद सिंह तिपन्या ने कबीरे के दोहे सुनाए. तिपन्या ने गुरु वंदना से पहले कबीर के नजरिए से गुरु का मतलब भी बताया.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें