scorecardresearch
 

साहित्य आज तक: क्या है इंडियन फिक्शन?

साहित्य आज तक: क्या है इंडियन फिक्शन?

साहित्य आज तक 2017 के पांचवे सत्र 'इंडियन फिक्शन' में लेखक अनुजा चौहान, अश्विन सांघी और उपन्यासकार सुदीप नागरकर ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन पद्मजा जोशी ने किया. इस सत्र में पद्मजा ने पूछा कि क्या आज के दौर में लोगों की किताब बढ़ने की आदत छूट रही है. इसके जवाब में सुदीप ने कहा कि ऐसा नहीं है. आज भी लोग किताबों को पढ़ रहे हैं. बस इतना बदलाव हुआ है कि आज लोग किताबों के चयन में ज्यादा सजग हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें