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हवाएं और लहरें कब किसी का हुकुम सुनती हैं...

'साहित्य आज तक' में सुनें शायर, फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर की कविता 'नया हुकुमनामा'.

poet and lyricist Javed Akhtar poem at sahitya aaj tak

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