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साहित्य आजतक: कैलाश खेर की जादुई आवाज ने बांधा समां, झूमे दर्शक

साहित्य आजतक 2019 की शुरुआत हो चुकी है. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई. इसके बाद बॉलीवुड के मशहूर सिंगर कैलाश खेर ने अपनी जोरदार प्रस्तुति के साथ मंच साधा.

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साहित्य आजतक 2019 की शुरुआत हो चुकी है. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई. इसके बाद बॉलीवुड के मशहूर सिंगर कैलाश खेर ने अपनी जोरदार प्रस्तुति के साथ मंच पर समां बांध दिया. कैलाश खेर अपनी एनर्जेटिक परफॉर्मेंस की वजह से जाने जाते हैं. वे देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कोने-कोने में परफॉर्मेंस देते हैं. कैलाश ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट सुफी सॉन्ग्स गाए और समां बांध दिया.

कैलाश ने  'मैं जाना जोगी दे नाल', बाहुबली का थीम सॉन्ग और तौबा तौबा वे तेरी सूरत जैसे गानें गाए. अपने जोरदार म्यूजिक से कैलाश ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया. कैलाश ने गानों के बीच दर्शकों से बातचीत भी की. उन्होंने दिल्ली के प्रदूषण पर भी बातें की. कैलाश नॉनस्टॉप गा रहे थे और उनकी ऊर्जा देखते ही बन रही थी.


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साहित्य आजतक की बात करें तो कार्यक्रम के चौथे संस्करण को और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है. ये कार्यक्रम 3 दिनों तक चलेगा और विभिन्न हस्तियां इस कार्यक्रम के जरिए अपनी प्रस्तुति से लोगों का भरपूर मनोरंजन करती नजर आएंगी. कैलाश खेर के अलावा बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अनुपम खेर भी शिरकत करेंगे और अपनी आत्मकथा के बारे में बातें करेंगे. इन कालाकारों के अलावा कवि कुमार विश्वास और लोक गायिका मालिनी अवस्थी भी साहित्य आजतक का हिस्सा बनती नजर आएंगी.

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