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साहित्य आजतक

साहित्य-कला-संगीत: ऐसा गुजरा साहित्य आजतक का पहला दिन

साहित्य-कला-संगीत: ऐसा गुजरा साहित्य आजतक का पहला दिन
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साहित्य का सबसे बड़ा महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2019' का आगाज हो गया है. साहित्य, कला, संगीत, संस्कृति का यह जलसा एक से तीन नवंबर तक दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में चलेगा. साहित्य आजतक  के पहले दिन कवि कुमार विश्वास, अभिनेता पंकज कपूर, अनुपम खेर लेखक चेतन भगत,  दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया से लेकर कला और साहित्य की तमाम हस्तियों ने शिरकत की और अपने विचार रखे.
साहित्य-कला-संगीत: ऐसा गुजरा साहित्य आजतक का पहला दिन
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आजतक का आगाज छायावादी युग के प्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की वाणी वंदना से हुआ, कलाकारों ने '...वर दे वीणावादिनी वर दे' को गुनगुनाया.
साहित्य-कला-संगीत: ऐसा गुजरा साहित्य आजतक का पहला दिन
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इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने कार्यक्रम के उद्घाटन संबोधन में सभी साहित्यकारों, संगीतज्ञों, कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सबका साहित्य आजतक का चौथा संस्करण आ गया है. लेकिन ऐसा लगता है अभी इस कार्यक्रम को शुरू हुए एक साल ही हुआ है. इस साल चुनाव हो रहे थे और पता नहीं चला कि साल कब बीत गया. अच्छी बात है कि हमारी और आपकी ये साहित्य की विशेष तारीख जल्दी आ गई.
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साहित्य आजतक 2019 में सूफी गायक कैलाश खेर ने अपने सुर से जोरदार समां बांधा.
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया शिक्षा क्षेत्र में आई क्रांति पर विस्तार से बातचीत की. सिसोदिया ने कहा कि मैं कहता था कि सरकारी स्कूल सुधारकर दूंगा तो लोग हंसते थे. आज एडमिशन की सिफारिशें आ रही हैं.
साहित्य-कला-संगीत: ऐसा गुजरा साहित्य आजतक का पहला दिन
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अच्छी हिंद- बुरी हिंदी सेशन में नीलीमा चौहान, लेखक शशांक भारतीय, कुशल सिंह ने अपनी बातें रखीं. इस दौरान सभी ने हिंदी पर टिप्पणी करते हुए कई सुझाव शेयर किए.
साहित्य-कला-संगीत: ऐसा गुजरा साहित्य आजतक का पहला दिन
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साहित्य आजतक का एक सत्र लेखिका कृष्णा सोबती और हिन्दी के आलोचक नामवर सिंह को समर्पित रहा. इस सत्र में कवि और आलोचक अशोक वाजपेयी, लेखिका और आलोचक निर्मला जैन और कवयित्री गगन गिल ने शिरकत की.
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अभिनेता अनुपम खेर ने सेशन 'जिंदगी ने जो अन्जाने ही सिखाया मुझे' में अनुपम खेर ने अपनी शुरुआती जिंदगी बयान की. बताया कि कैसे शुरुआती दिनों में तीन साल से बॉम्बे में रह रहा था मगर काम नहीं मिल रहा था.
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बेस्टसेलर लेखक और स्तंभकार चेतन भगत ने साहित्य आजतक 2019 में कहा कि आर्थिक मंदी एक बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा कि उनकी अगली किताब की कहानी की पृष्ठभूमि भी आर्थिक मंदी है. ये एक मर्डर मिस्ट्री बुक है लेकिन इसकी पृष्ठभूमि आर्थिक मंदी है.
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साहित्य आजतक 2019 के दस्तक दरबार में आयोजित KV Sammelan में शुक्रवार की कवि कुमार विश्वास की कविताओं और गीतों से रंगीन हो गई. दिल्ली के प्रदूषण, धुआं और स्मॉग और इस पर हो रही राजनीति पर कुमार विश्वास ने पंक्तियां सुनाईं.
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साहित्य आजतक 2019 के सत्र में भारतीय वृत्तचित्र फिल्म निर्माता सबा दीवान ने कहा कि वह हमेशा महिलाओं के जीवन, उनके संघर्ष और इतिहास में उनकी भूमिका में रुचि रखती हैं.
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भारतीय फिल्मों की जानी मानी पार्श्वगायिका और हिंदुस्तानी संगीत की शान रेखा भारद्वाज साहित्य आजतक 2019 के मंच पर आते ही छा गईं. उन्होंने ओंकारा फिल्म के गीत नैना ठग लेंगे से महफिल का आगाज किया. सुनहरी शाम और संगीत के जादू ने साहित्य आजतक की महफिल को सुरमयी बना दिया है.
साहित्य-कला-संगीत: ऐसा गुजरा साहित्य आजतक का पहला दिन
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साहित्य आजतक मंच पर रहस्य, रोमांच और रोमांस सेशन में लेखिका गीताश्री और जयंती रंगनाथन ने हिस्सा लिया. यहां गीताश्री की किताब भूतखेल और जयंती रंगनाथन की किताब रूह की प्यास लांच की गई.