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साहित्य आजतक

साह‍ित्य आजतक: वडाली से राश‍िद तक, 3 द‍िन गूंजीं स्वर लहरियां

साह‍ित्य आजतक: वडाली से राश‍िद तक, 3 द‍िन गूंजीं स्वर लहरियां
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तीन दिन तक चले "साहित्य आजतक 2018" का समापन रविवार, 18 नवंबर को हो गया. तीन दिन तक दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में चले साहित्य के सबसे बड़े आयोजन में एक से बढ़कर एक कई सत्र हुए. इसमें हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू के मशहूर लेखक, कवि, कहानीकार, चिंतक, अभिनेता, निर्देशक नाट्यकर्मी और संगीतकार शामिल हुए. दिल्ली में हिंदी साहित्य का ऐसा कुंभ था, जहां तीन दिन तक लाखों की संख्या में लोग सुनने पहुंचे.

ये साहित्य आजतक का तीसरा एडिशन था, जिसके लिए कुल पांच मंच बनाए गए थे. आज तक/इंडिया टुडे के तमाम प्लेटफॉर्म्स से सभी पांच मंच के कार्यक्रमों की लाइव कवरेज हुई जिसे करोड़ों लोगों ने देखा. लेखक चेतन भगत ने माना भी कि ये ऐसा लिट फेस्ट बन गया जिसमें शामिल होने लाखों लोग पहुंच रहे हैं. तीन दिनों तक साहित्य के मंच से लोक और शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों को ऑडियंस ने खूब पसंद किया. आइए देखते हैं तीन दिन तक की झलकियां...
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मशहूर गायक जावेद अली ने साहित्य आजतक 2018 के पहले द‍िन मंच पर "सूफी संगीत" से लोगों का मन मोह लिया. इवेंट की शुरुआत में उन्होंने हजरत अली की शान में पारंपरिक कलाम गाया.
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साहित्य आजतक 2018 के पहले द‍िन मंच पर लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने "लोकगीत" की छटा बिखेरीं और अपने गीतों से समां बांध दिया. पद्मश्री से सम्मानित मालिनी अवस्थी ने भगवान राम के भजन 'राम अवध घर आए' से शुरुआत की. उसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई गाने गाए.
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साहित्य आजतक 2018 के पहले दिन के आखिरी सत्र में मशहूर कव्वाल 'पद्मश्री' पूरनचंद वडाली ने समां बांधा. उनके साथ उनके बेटे लखविंदर वडाली ने भी कव्वालियां गाईं. दोनों की जोड़ी ने ''...तेरा नाम'' कव्वाली से शुरुआत की.


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साहित्य आजतक के दूसरे दिन दस्तक दरबार में 'बिहार-कोकिला', 'पद्म श्री', 'संगीत नाटक अकादमी' एवं 'पद्म भूषण' से सम्मानित शारदा सिन्हा पहुंचीं.  उन्होंने मशहूर देसी गीतों को गाकर समां बांध द‍िया.
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नूरां सिस्टर्स ने साहित्य आजतक 2018 के दूसरे दिन माहौल पूरी तरह से सूफियाना कर दिया. दोनों बहनों की जोड़ी ने कई सूफी तरानों के अलावा बॉलीवुड के सुपरहिट गाने गा दर्शकों का मन मोह लिया.


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साहित्य आजतक के मंच पर तीसरे दिन "सुरीली बिटिया" सेशन में बाल गायिका के रूप में पहचान बना चुकीं मैथिली ठाकुर ने हिस्सा लिया. मैथिली ने भजन, लोक गीत के साथ साथ फिल्मी गाने भी गाए. मैथिली के दोनों भाई संगत दे रहे थे.
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साहित्य आजतक 2018 के तीसरे यानी आखिरी दिन शास्त्रीय गायक राशिद खान और उनकी टीम ने अपनी गायकी से समां बांध दिया. हजारों की संख्या में मौजूद दर्शकों ने राशिद की गायकी का आनंद उठाया.

राशिद के अलावा एक्टर पीयूष मिश्रा और बीजेपी दिल्ली के अध्यक्ष और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने भी कई गाने गाए. आज तक के मंच पर मुशायरे, कवि सम्मलेन और हास्य व्यंग्य को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया.