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साहित्य आजतक

VIDEO: इन शायरियों की वजह से हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगे राहत इंदौरी

11 अगस्त 2020

मशहूर शायर राहत इंदौरी का दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को निधन हो गया. वे कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे, जिसके उपचार के लिए उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर में 10 अगस्त की देर रात अरविंदो अस्तपाल में भर्ती कराया गया था. राहत इंदौरी के बेटे सतलज ने इस बात की जानकारी दी थी, बाद में खुद भी राहत इंदौरी ने इस बारे में ट्वीट किया था. गौरतलब है कि राहत इंदौरी मशहूर शायर हैं, साथ ही वह बॉलीवुड के लिए भी कई गाने लिखते आए हैं. इस वीडियो में देखें राहत इंदौरी की कुछ शायरियां जिनकी वजह से हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगे राहत इंदौरी

दिल का दौरा पड़ने से राहत इंदौरी की मौत, कोरोना से भी थे पीड़ित

11 अगस्त 2020

मशहूर शायर राहत इंदौरी का दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को निधन हो गया. वे कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे, जिसके उपचार के लिए उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर में 10 अगस्त की देर रात अरविंदो अस्तपाल में भर्ती कराया गया था. राहत इंदौरी के बेटे सतलज ने इस बात की जानकारी दी थी, बाद में खुद भी राहत इंदौरी ने इस बारे में ट्वीट किया था. देखें वीडियो.

पलायन की पीरः कोरोना कइले बा जुलुमवा

15 जून 2020

एक हुआ था पार्टीशन, धरम के नाम पर. लाखों लोग इधर से उधर हो गए. 70 साल बाद फिर हुआ एक पार्टीशन. ज़मीन नहीं बंटी, दिलों का बंटवारा हो गया. कोरोना के काले बादल जब मुलुक पर छाए तो हम एक होने की बजाय दोफाड़ हो गए. हवाई जहाज़ से आई विपदा ने लाखों को पैदल चला दिया हज़ारों मीलों के लंबे सफ़र पर. बंटवारा समाप्त हो चुका है. गांवों का वो हिस्सा जो शहरों को घर मान चुका था, उसे एहसास हो गया कि हिस्सेदारी नहीं है उसकी. पलायन की पीर को एक गीत में पिरोया है पाणिनि आनंद ने, साथ में उस दर्द को बयान करती तस्वीरें इंडिया टुडे ग्रुप के छायाचित्रकारों की हैं. वीडियो का निर्देशन, कॉन्सेप्ट और फोटो एडिटिंग बंदीप सिंह ने की.

अनूप जलोटा की आवाज में सुनें रामकथा का अद्भुत वर्णन

03 नवंबर 2019

साहित्य आजतक 2019 का आज तीसरा और आखिरी दिन है. कला, साहित्य और संगीत की कई हस्तियां आज जुटेंगी. शुरुआत गायक अनूप जलोटा से हुई. अनूप जलोटा ने मंच पर आकर रामकथा गाई. इस वीडियो में देखें रामकथा का अद्भुत वर्णन.

'जो औरत का दर्द नहीं समझता, मनोज मुंतशिर उसे मर्द नहीं समझता'

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक के तीसरे दिन के कार्यक्रम में बॉलीवुड जगत की कई मशहूर हस्तियां शामिल हुईं. इन्हीं हस्तियों में एक मशहूर नाम है गीतकार, लेखक और कवि मनोज मुंतशिर. देखें उनके साथ खास बातचीत 'इतना जरूरी तू कैसे हुआ' सेशन में.

Tik-Tok को थिएटर मानते हैं मशहूर रंगकर्मी अरविंद गौड़, सुनाया दिलचस्प किस्सा

01 नवंबर 2019

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2019' के पहले दिन नुक्कड़ नाटक पर चर्चा की गई. इसमें रंगमंच की दुनिया में प्रसिद्ध अरविंद गौड़ और नाट्य निर्देशक संजय उपाध्याय ने नुक्कड़ नाटक पर अपने विचार साझा किए. अरविंद गौड़ ने कहा कि कोई भी मुद्दा किसी राजनीतिक दल की बपौती नहीं है. देखें वीडियो.

साहित्य आजतक में देखें मधु चतुर्वेदी की किताब 'मन अदहन' का लोकार्पण

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक 2019 के महाकुंभ में इस साल भी कला, साहित्य, संगीत, संस्कृति और किताबों के क्षेत्र से कई मशहूर शख्सियतों ने शिकरत की. इसी बीच पुस्तक लोकार्पण एवं चर्चा हुई. देखें मधु चतुर्वेदी की किताब 'मन अदहन' का लोकार्पण और विशेष चर्चा.

साहित्य की बेड़ियां और लेखक की दुविधाओं पर चर्चा, देखें वीडियो

04 नवंबर 2019

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ साहित्य आजतक 2019 के मंच से साहित्य की भी बेड़ियां हैं तो फिर कैसे एक रचनाकार दुनिया को आजादी सौंपता है. इस मुद्दे पर हुई चर्चा.

साहित्य आजतक में हेमंत शर्मा की किताब 'युद्ध में अयोध्या' पर हुई चर्चा

04 नवंबर 2019

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ साहित्य आजतक 2019 के मंच पर हेमंत शर्मा नें अपनी किताब 'युद्ध में अयोध्या' के बारे में साझा किए कई अनुभव. देखें वीडियो.

'नैना' में TV एंकर की हत्या के सारे सवालों के जवाब: संजीव पालीवाल

04 नवंबर 2019

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ साहित्य आजतक 2019 के मंच से संजीव पालीवाल की किताब नैना का लोकार्पण किया गया. संजीव पालीवाल से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि 'नैना' में टीवी एंकर की हत्या के सारे सवालों के जवाब हैं. देखें वीडियो.

असमिया साहित्य से लेकर NRC तक, देखें विशेष चर्चा

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक के तीसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने शिरकत की. इसी बीच 'बिस्तार है अपार...असमिया साहित्य के उसत्व' सेशन में असम के जाने-माने लेखक और राज्य के पुलिस महानिदेशक कुला सैकिया, युवा असमिया लेखिका बिपाशा बोरा और रीता चौधरी ने असमिया साहित्य से लेकर मौजूदा राजनीतिक वातावरण पर अपनी राय साझा की. देखें उनके साथ हुई ये विशेष चर्चा.

साहित्य आजतक: एक कविता ऐसी भी, 'वो नींद में सुनना चाहता है उसकी सांसें'

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक 2019 के मंच से प्रतिभाशाली लेखिकाओं, रश्मि भारद्वाज और अनुशक्ति सिंह, ने कविताओं की दुनिया से जुड़े कई अनुभव साझा किए. साथ ही सुनाईं रोचक कविताएं. देखें वीडियो.

'प्रेमचंद के बाद' पर लेखिका चित्रा मुद्गल ने रखी अपनी राय

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक 2019 के आखिरी दिन प्रेमचंद के बाद सेशन में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखिका चित्रा मुद्गल और लेखक डॉ. सदानंद शाही ने अपनी राय रखी. इस सेशन का संचालन आजतक के एग्जिक्यूटिव एडिटर सईद अंसारी ने किया. इस चर्चा के दौरान दोनों ही लेखकों ने अपनी बातें बेबाकी से रखीं. चित्रा मुद्गल ने कहा कि मुझे लगता है कि प्रेमचंद के बाद 30-40 सालों तक उनका प्रभाव साहित्य पर रहा.

जब साहित्य आजतक के मंच पर आए ट्रैवल ब्लॉगर नीरज मुसाफिर, देखें Video

04 नवंबर 2019

साहित्यकारों के महाकुंभ साहित्य आजतक के तीसरे दिन ट्रैवल राइटिंग के जरिए पर्यटन को नया आयाम दे रहे दो घुमक्कड़ युवा क्रिएटर्स ने भी शिरकत की. एवरेस्ट से भी ऊंचा सेशन में ट्रैवल ब्लॉगर नीरज मुसाफिर और लेखक उमेश पंत ने अपने अनुभव साझा किए. देखें उनके साथ खास बातचीत.

साहित्य आजतक: लेखकों ने माना, मुश्किलों से युवाओं को नहीं डरना चाहिए

04 नवंबर 2019

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ साहित्य आजतक 2019 के जिंदगी जिंदाबाद विषय पर आयोजित गोष्ठी में शामिल युवा लेखकों ने माना कि मुश्किलों से युवाओं को नहीं डरना चाहिए. शुरुआती संघर्षों का सामना करने वाले युवाओं को हताश नहीं होना चाहिए बल्कि इसे हथियार बनाकर आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए. खासकर हिंदी मीडियम के छात्रों को अपनी इस भाषा से निराश नहीं होना चाहिए बल्कि इसे हथियार बनाकर लड़ना चाहिए.

साहित्य आजतक: स्वामी मुकुंदानंद से जानें सफलता और सभ्य जीवन के राज

04 नवंबर 2019

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ साहित्य आजतक 2019 के मंच से स्वामी मुकुंदानंद ने साझा किए सफलता और सभ्य जीवन के राज. देखें वीडियो.

देशभक्ति की कविताएं सुन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी महफिल

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक 2019 के एक सत्र देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के नाम रहा. सत्र ये देश है वीर जवानों का वीर रस के कवियों ने देशप्रेम के गीत गाकर समां बांध दिया. मंच पर एक साथ कवि हरिओम पंवार, कवि विनीत चौहान, कवि कर्नल वीपी सिंह और कवि डॉ. राहुल अवस्थी आए तो राष्ट्र के लिए कुर्बानियां देने वाले शहीदों को गीत-कविताओं के जरिए याद किया गया.

क्या कच्छ से साबरमती तक गुजराती का एक ही स्वरूप है?

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक के मंच पर रविवार को गुजरात के साहित्य और भाषा पर चर्चा हुई. कच्छ से साबरमती, गुजराती साहित्य का उत्सव विषयक सत्र में लेखक और अनुवादक दीपक मेहता, कवि और अनुवादक दिलीप झावेरी, साहित्य अकादमी की युवा पुरस्कार विजेता कवयित्री एषा दादावाल ने गुजराती भाषा और इसके साहित्य के विविध पहलुओं पर चर्चा की.

साहित्य आजतक: हाय अख़्तरी विषय पर चर्चा में सामने आए कई मजेदार पहलू

04 नवंबर 2019

साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ साहित्य आजतक 2019 के हाय अख़्तरी विषय पर आयोजित गोष्ठी में गजल गायक बेगम अख्तर के बारे में चर्चा की गई जिसमें कई अनछुए पहलु सामने आए. देखें वीडियो.

साहित्य आजतक: देखें हिंदी पर भाषा विशेषज्ञों के साथ विषेश चर्चा

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक के तीसरे दिन के सत्र 'साहित्य और शब्द बाजार' में लेखन और भाषा के क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की. इस सत्र में पत्रकार, संपादक, भाषाविद और लेखक राहुल देव और कवि, आलोचक अशोक वाजपेयी से खास बातचीत की गई. देखें ये स्पेशल सेशन.

साहित्य आजतक: 'उससे कह दो की जल्द लौट आए, आरजू देर तक नहीं रहती'

04 नवंबर 2019

साहित्य आजतक 2019 के तीसरे और आखिरी दिन मुशायरे की महफिल सजी. इस मुशायरे में कई जाने-माने शायर शामिल हुए.  साहित्य आजतक 2019 में हुए मुशायरे में शायर जीशान नियाजी भी शामिल हुए. इस वीडियो में सुने जीशान नियाजी के शानदार शेर.