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कहीं आपका बच्चा तो नहीं डिप्रेशन का शिकार? इन 8 लक्षणों से करें पहचान

एक्सपर्ट मानते हैं कि बच्चों में डिप्रेशन की कई सारी वजह हो सकती हैं. वे खराब स्वास्थ्य, जिंदगी की तमाम समस्याओं, पारिवारिक दिक्कतों, आस-पास के माहौल, अनुवांशिक या बायोकेमिकल डिस्टर्बेंस की वजह से भी हो सकते हैं.

बच्चे भी हो सकते हैं डिप्रेशन के शिकार, रखें ख्याल बच्चे भी हो सकते हैं डिप्रेशन के शिकार, रखें ख्याल

डिप्रेशन का युवा या वयस्क ही नहीं बच्चे भी हो सकते हैं. आमतौर पर बच्चे का नाराज होना या रूठना स्वभाविक होता है, लेकिन अगर बच्चे की खामोशी में असामान्य लक्षण झलक रहे हैं तो उसे बिल्कुल नजर अंदाज नहीं करना चाहिए. डिप्रेशन का शिकार बच्चों की बॉडी लैंग्वेज से भी उनकी समस्या को समझा जा सकता है. ऐसे लक्षण डिप्रेशन के कारण हो सकते हैं.

बच्चों में क्यों होता है डिप्रेशन?

एक्सपर्ट मानते हैं कि बच्चों में डिप्रेशन की कई सारी वजह हो सकती हैं. वे खराब स्वास्थ्य, जिंदगी की तमाम समस्याओं, पारिवारिक दिक्कतों, आस-पास के माहौल, अनुवांशिक या बायोकेमिकल डिस्टर्बेंस की वजह से भी हो सकते हैं. डिप्रेशन में रहने वाले बच्चों को अक्सर सामाजिक दूरियां बनाए रहना ज्यादा बेहतर विकल्प लगता है.

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बच्चों में डिप्रेशन के 10 लक्षण

1. स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना या बहुत ज्यादा गुस्सा करना. हमेशा दुखी-दुखी से रहना.

2. नींद में अचानक से बदलाव आना. कम नींद आना या बहुत ज्यादा देर तक सोते रहना

3. हमेशा मायूस रहना और किसी भी काम में प्रयत्न से पहने आशा छोड़ देना

4. थकावट और कम एनेर्जी

5. एकाग्रता में कमी और मामूली गलती के लिए खुद को ज्यादा कसूरवार ठहराना

6. ज्यादातर समय पेट या सिर दर्द की शिकायत करना

7. सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखना. दोस्तों और रिश्तेदारों से कम घुलना-मिलना

8. बार-बार मरने या सुसाइड करने के बारे में सोचना

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