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वीडियो देखने में रोज 70 मिनट बिताता है हर भारतीय, सेहत के लिए खतरनाक!

भारत में इंटरनेट वीडियो ट्रैफिक प्रति माह 1.5 एक्जाबाइट (ईबी) है और 2017 के मुकाबले 2022 तक प्रतिमाह अनुमानित 13.5 एक्जाबाइट (ईबी) तक पहुंच जाएगा.

प्रतिकात्मक तस्वीर प्रतिकात्मक तस्वीर

भारत में एक ऑवर-द-टॉप (ओटीटी) दर्शक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रोजाना करीब 70 मिनट व्यतीत करता है. एक नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है, जिसमें कहा गया है कि एक सप्ताह में 12.5 गुना की खपत आवृत्ति के साथ लोग प्रत्येक दिन 70 मिनट वीडियो स्ट्रीमिंग में बिताता है.

इरोज नाउ-केपीएमजी की रिपोर्ट कहती है कि दर्शक इसके लिए 2.5 से अधिक प्लेटफॉर्म का सहारा लेते है और स्मार्ट टीवी और बड़ी स्क्रीन्स में फिल्में उनकी पसंद होती हैं. रिपोर्ट से पता चला है, "नेटफ्लिक्स (92 प्रतिशत) और हॉटस्टार (89 प्रतिशत) के मुकाबले बड़ी स्क्रीन पर लगभग 96 प्रतिशत लोग इरोज नाउ को देखना पसंद करते हैं. 30 प्रतिशत उत्तरदाता ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्में देखना पसंद करते हैं."

भारत में इंटरनेट वीडियो ट्रैफिक प्रति माह 1.5 एक्जाबाइट (ईबी) है और 2017 के मुकाबले 2022 तक प्रतिमाह अनुमानित 13.5 एक्जाबाइट (ईबी) तक पहुंच जाएगा. वर्तमान में भारत में 30 से अधिक वीडियो ऑन डिमांड (वीओडी) प्लेटफॉर्म हैं. इस क्षेत्र की सभी कंपनियां भविष्य में भारत की विविधता को ध्यान में रखकर ओरिजिनल कंटेंट और लाइब्रेरी के लिए निवेश करने को तैयार हैं.

फोन देखने से सेहत को नुकसान

वहीं एक अन्य रिसर्च में सामने आया है कि जो लोग अपने मोबाइल या दूसरे उपकरणों को देखने के लिए ज्यादा देर तक अपनी गर्दन मोड़े रखते हैं, उनकी सेक्स लाइफ और कद पर असर पड़ता है. फोन व टैबलेट के स्वामित्व के बढ़ने के साथ डेस्कटॉप या लैपटॉप कंप्यूटर इस्तेमाल की तुलना में गर्दन के मोड़ने या झुकाने के तरीकों में भी बढ़ोतरी हुई है. इस शोध के निष्कर्ष जर्नल क्लिनिकल एनाटॉमी में प्रकाशित हुए हैं.

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