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Bad Cholesterol: पुरुषों में नपुंसकता का कारण बन सकता है हाई कोलेस्ट्रॉल, तुरंत सुधारें ये गलतियां

शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का संबंध सीधे तौर पर आपकी लाइफस्टाइल से होता है. कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता है गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल. बैड कोलेस्ट्रॉल को काफी खराब माना जाता है. आर्टरीज में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से ये सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड फ्लो भी रुक जाता है. कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से पुरुषों को नपुंसकता की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.

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पुरुषों में नपुंसकता का खतरा बढ़ा सकता है हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल,प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo/Credit: Getty Images) पुरुषों में नपुंसकता का खतरा बढ़ा सकता है हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल,प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo/Credit: Getty Images)

हमारे शरीर के लिए कोलेस्ट्रॉल काफी जरूरी  माना जाता है. कोलेस्ट्रॉल लिवर में बनने वाला मोम जैसा पदार्थ होता है जो कई तरह के काम करता है. उदाहरण के लिए, यह हमारे शरीर में मौजूद कोशिकाओं को लचीला बनाता है और कई तरह के हार्मोन्स का उत्पादन करता है. लेकिन कोई भी चीज एक सीमित मात्रा में फायदा करती है और जब किसी की मात्रा ज्यादा होने लगती है तो वह कई तरह के नुकसान पहुंचाने लगती है. ऐसा ही कुछ कोलेस्ट्रॉल के साथ भी है. हमारे शरीर को जितनी मात्रा में कोलेस्ट्रॉल की जरूरत है, उतनी मात्रा का उत्पादन लिवर करता है लेकिन अगर शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है तो इससे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. 

हमारे शरीर में दो तरह का कोलेस्ट्रॉल होता है गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल. गुड कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में कई तरह के काम करता है, जैसे हार्मोन्स का उत्पादन करना आदि. वहीं, बैड कोलेस्ट्रॉल को शरीर के लिए खराब माना जाता है. शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से यह रक्त वाहिकाओं में जमना शुरू हो जाता है और धीरे -धीरे ये कोलेस्ट्रॉल आर्टरीज में जमने लगता है और ये सिकुड़ने लगती हैं. जिससे ब्लड फ्लो रुक जाता है. इस कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है जिसमें से एक है नपुंसकता या जिसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भी कहा जाता है. 

कोलेस्ट्रॉल की समस्या से छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें. आज हम उन्हीं बदलावों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं. 

स्मोकिंग छोड़ें- सिगरेट में कई ऐसे पदार्थ पाए जाते हैं जो हार्ट की हेल्थ के लिए खतरनाक साबित होते हैं. स्मोकिंग करने से हमारे फेफड़ों में कार्बन मोनोऑक्साइड प्रवेश करता है जो हमारे खून में मिल जाता है. खून में कार्बन मोनोऑक्साइड पहुंचने से लाल रक्त कोशिकाओं से ऑक्सीजन खत्म होने लगता है जिससे हमारे अंगों और टिशू को काफी कम ऑक्सीजन मिल पाती है. इसके अलावा, स्मोकिंग करने से आर्टरीज के आसपास की दीवारें काफी सख्त और कठोर हो जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. 

शराब का सेवन करें बंद- अगर आप कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करना चाहते हैं तो शराब छोड़ना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. शराब का सेवन ना करने से आपकी हार्ट हेल्थ सही रहती है और इससे हृदय संबंधित किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में मदद मिलती है. शराब का सेवन करने पर शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (high density lipoprotein), बैड कोलेस्ट्रॉल (low density lipoprotein) और ट्राइग्लिसराइड का लेवल काफी ज्यादा बढ़ने लगता है. इससे हृदय संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. 

सैचुरेटेड फैट करें कम- अगर आप अपनी डाइट में अनसैचुरेटेड फैट युक्त चीजों को शामिल करते हैं तो इससे कोलेस्ट्रॉल की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि आप प्लांट बेस्ड ऑयल, सीड्स, नट्स, फिश को अपनी डाइट में शामिल करें. हाई सैचुरेटेड फैट युक्त डाइट लेने और कम अनसैचुरेटेड फैट युक्त डाइट लेने से  लिवर कोलेस्ट्रॉल को संभालने का तरीका बदल देता है और जितना हो सके इससे बचना चाहिए.

रोजाना करें एक्सरसाइज- कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने लिए एक्सरसाइज आपके काफी काम आ सकती है.  जर्नल ऑफ ओबेसिटी में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, जब मोटे और अधिक वजन वाले लोगों ने कम कोलेस्ट्रॉल  वाली डाइट का सेवन करते हुए जॉगिंग और वॉक को अपने डेली रुटीन में शामिल किया तो उनके टोटल कोलेस्ट्रॉल के लेवल में सुधार हुआ. 

वेट लॉस- अगर हाई कोलेस्ट्रॉल के साथ ही आप मोटापे के शिकार हैं तो यह आपकी  हेल्थ के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. अगर आप अपने वजन को 5 से 10 फीसदी तक कम करते हैं तो इससे आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल में काफी सुधार हो सकता है. 

पुरुषों में नपुंसकता के कई कारण हो सकते हैं जिसमें आपकी खराब हार्ट हेल्थ भी शामिल है. शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने से कई तरह की बीमारियों समेत हार्ट डिजीज के चांसेस बढ़ जाते हैं, जो पुरुषों में नपुंसकता का कारण बन सकता है. इस कनेक्शन के कारण ही, जिन पुरुषों का कोलेस्ट्रॉल लेवल ज्यादा होता है, उनमें नपुंसकता का खतरा भी काफी ज्यादा पाया जाता है. कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए अक्सर लोग स्टैटिन का इस्तेमाल करते हैं जो नपुंसकता के इलाज के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. 

 

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