गर्मी के मौसम में सांप की आवाजाही शहरी इलाकों में बढ़ जाती है क्योंकि वे तपती गर्मी के मौसम में ठंडी जगहों की तलाश में होते हैं. ऐसे में सांपों की कई प्रजातियां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में दिख जाती हैं लेकिन उनमें सबसे खतरनाक 'कोबरा' सांप को सबसे खतरनाक और जहरीला माना जाता है. दलदली इलाकों में रहने वाले इस जीव का जहर इतना खतरनाक होता है कि पल भर में जान ले सकता है. अक्सर लोग डर के मारे समझ नहीं पाते कि सामने दिख रहा सांप कोबरा है या कोई साधारण सांप.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोबरा के पास जाने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए बल्कि दूर से ही उसके कुछ खास फीचर्स और बिहेवियर को देखकर उसकी पहचान की जा सकती है. आइए जानते हैं कि बिना पास गए कोबरा सांप की पहचान कैसे की जाए.
कोबरा सांप की सबसे यूनिक और पहली पहचान उसका फन है. जब भी कोबरा को किसी खतरे का अहसास होता है या वह खुद को असुरक्षित महसूस करता है तो वह अपनी गर्दन की हड्डियों को फैलाकर एक चौड़ा और चपटा फन बना लेता है. एनवायरनमेंटल लिटरेसी काउंसिल के अनुसार, कोबरा ऐसा खुद को हमलावरों से बचाने और खुद को साइज में बड़ा दिखाने के लिए करता है. यदि आपको दूर से कोई ऐसा सांप दिखे जो अपना फन फैलाए हुए है तो समझ जाएं कि वह कोबरा है और तुरंत वहां से पीछे हट जाएं.
भारतीय कोबरा, जिसे 'स्पेक्टेकल्ड कोबरा' भी कहा जाता है, के फन के पीछे एक बहुत ही खास मार्किंग होती है. इसके फन के पिछले हिस्से पर आंख या चश्मे के शेप जैसा एक यूनिक पैटर्न बना होता है. यह पैटर्न दूर से भी आसानी से दिखाई दे जाता है. यह निशान कोबरा की पहचान को बिल्कुल पक्का कर देता है. हालांकि, इस निशान को देखने के लिए सांप के बहुत करीब जाने की कोशिश भूलकर भी न करें.
जब कोबरा गुस्से में होता है या उसे लगता है कि उसे खतरा है तो वह एक खास डिफेंसिव पॉश्चर अपना लेता है. वह अपने शरीर के करीब दो-तिहाई (2/3) हिस्से को जमीन पर रखते हुए, बाकी एक-तिहाई (1/3) हिस्से को हवा में सीधे वर्टिकल खड़ा कर लेता है. यह कोबरा का क्लासिक वॉर्निंग साइन है जिसका मतलब होता है कि वह आक्रामक मोड में है और अब आपको तुरंत वहां से हट जाना चाहिए.
यदि कोबरा सांप को किसी सुरक्षित दूरी या शीशे के पीछे से देखा जाए तो इसकी आंखों की पुतलियां गोल होती हैं. आमतौर पर कई जहरीले सांपों की पुतलियां खड़ी स्लिट जैसी होती हैं, लेकिन कोबरा की पुतलियां एकदम राउंड होती हैं. इसके अलावा, खतरे के समय इसकी लगातार हिलती हुई दोमुंही जीभ भी इसकी पहचान है.