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Bloating Cause: पेट फूलने की समस्या पैदा करती हैं ये चीजें, आप भी तो नहीं करते सेवन?

भारत में हर दूसरा इंसान पेट फूलने की समस्या या ब्लोटिंग (Gut Discomfort or Bloating) से परेशान रहता है. अधिकतर मामलों में ब्लोटिंग का कारण गलत खाना या सुस्त लाइफस्टाइल होता है. ब्लोटिंग का कारण क्या होता है (Cause of bloating) और किन चीजों को खाने से ब्लोटिंग होती है? इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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(Image credit: Getty images) (Image credit: Getty images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ब्लोटिंग काफी कॉमन समस्या है
  • कई लोगों को ब्लोटिंग की शिकायत होती है
  • कुछ फूड्स ब्लोटिंग को बढ़ाते हैं

ब्लोटिंग या पेट में होने वाली अस्थाई सूजन (Bloating) से काफी सारे लोग परेशान रहते हैं. ब्लोटिंग अक्सर खाने के बाद ही होती है. यह आमतौर पर गैस या अन्य पाचन समस्याओं के कारण होती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि लगभग 16-30 प्रतिशत लोगों को रोजाना ब्लोटिंग होती है. हमेशा पेट में ब्लोटिंग होना या सूजन होना एक गंभीर मेडिकल कंडीशन का लक्षण हो सकता है इसलिए अगर लंबे समय से पेट फूला हुआ है तो डॉक्टर को दिखाएं. अगर किसी को कभी-कभार खाने के बाद ब्लोटिंग होती है तो वह कुछ तरह की चीजें खाने के कारण भी होती है. हम आपको उन फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिन्हें खाने से ब्लोटिंग की समस्या होती है. 

1.फलियां (Beans)

ब्लोटिंग पैदा करने वाली चीजों में फलियां भी आती हैं. दरअसल, कई प्रकार के फाइबर युक्त बीन्स में कार्बोहाइड्रेट काफी मात्रा में पाया जाता है. यह कार्बोहाइड्रेट शर्करा के रूप में भी पाया जाता है, जिन्हें ओलिगोसेकेराइड कहा जाता है. ये शर्करा आसानी से डाइजेस्ट नहीं होती. उसे डाइजेस्ट करने के दौरान कई गैसें निकलती हैं जिससे पेट फूलने लगता है. 

ऐसे खाएं: भोजन से पहले पोषण से भरपूर बीन्स को पानी में भिगोने से ऑलिगोसेकेराइड्स की मात्रा कम हो सकती है और उन्हें डाइजेस्ट करना आसान हो जाता है.

2. दालें (Lentils)

दालें भी एक तरह की फलियां ही हैं क्योंकि दाल के दाने फलियों से ही निकलते हैं. दाल को कुछ समय तक भिगोकर रखें, उसके बाद बनाएं. इससे दाल डाइजेस्ट होने लायक हो जाती हैं. 

ऐसे खाएं: हल्के रंग की दाल में गहरे रंग की दालों की तुलना में कम फाइबर होता है, जिससे उन्हें पचाना आसान हो जाता है. इसलिए अगर ब्लोटिंग अधिक हो तो गहरे रंग की दालें खाएं.

3. डेयरी (Dairy)

क्या आप जानते हैं कि 4 में से 3 लोगों को डेयरी प्रोडक्ट में मौजूद मुख्य कार्बोहाइड्रेट यानी लैक्टोज को पचाने की क्षमता नहीं होती? लैक्टोज असहिष्णुता के कारण ब्लोटिंग या अन्य शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं.

ऐसे खाएं: दूध के पनीर की अपेक्षा टोफू और दूध की जगह बादाम मिल्क ले सकते हैं. 

4. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (Carbonated beverages)

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में गैस होती है. अगर कोई कार्बोनेटेड ड्रिंक पीता है तो वह गैस बुलबुलों के रूप में आपके पेट में चली जाती है, जिससे ब्लोटिंग होने लगती है.

ऐसे पिएं: डेली रूटीन में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की अपेक्षा नींबू पानी, नारियल पानी या फ्रेश जूस पी सकते हैं.

5. पत्तेदार सब्जियां (Cruciferous vegetables)

गोभी फैमिली का हिस्सा वाली सब्जियां खाने से पेट में ब्लोटिंग हो सकती है. इन सब्जियों में ब्रोकोली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, फूलगोभी और पत्तागोभी शामिल हैं. इसका कारण है कि इनमें शुगर की मात्रा थोड़ी अधिक होती है.

ऐसे खाएं: कच्ची सब्जियां पचाने में कठिन होती हैं इसलिए क्रूस वाली सब्जियों को सलाद के रूप में खाने की जगह पकाकर ही खाएं. 


 

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