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Monkey Shoulder व्हिस्की का बंदर से क्या कनेक्शन? जानें कैसे पड़ा नाम

Monkey Shoulder, Black dog, Wild Turkey, Eagle Rare जैसी कई ऐसी एल्कॉहल ब्रांड्स हैं जिनके नाम जानवरों के नाम पर हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इन नामों को रखने के पीछे कहानी या कंपनी का इतिहास छिपा होता है. आइए जानते हैं कैसे Monkey Shoulder पड़ा व्हिस्की का नाम.

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Monkey Shoulder Name Story (Representational Image)
Monkey Shoulder Name Story (Representational Image)

दुनिया भर में कई एल्कॉहल ब्रांड्स हैं, जिनमें नाम जानवरों पर हैं. Monkey Shoulder, Black dog, Wild Turkey, Eagle Rare, ऐसे नामों की लंबी फेहरिस्त है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इनमें से कई नामों के पीछे एक कहानी या कंपनी का इतिहास छिपा है. मंकी शोल्डर की ही बात करें तो यह भारत समेत कई मुल्कों में काफी पसंद की जाने वाली ब्लेंडेड स्कॉच मॉल्ट व्हिस्की है. इसे तीन अलग किस्म के सिंगल मॉल्ट व्हिस्की को मिलाकर तैयार किया जाता है. इस स्कॉटिश मॉल्ट व्हिस्की का नाम मंकी शोल्डर ही क्यों पड़ा, इसके पीछे दिलचस्प कहानी है. 

मंकी शोल्डर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह नाम मॉल्ट व्हिस्की बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है. इसे बनाने के लिए कुछ लोग मॉल्टेड बार्ले यानी जौ को भारी भरकम फावड़ों से पलटते थे. इन लोगों को मॉल्ट मेन (Malt Men) कहते थे. कहते हैं कि सालों तक ऐसे काम करने के बाद कुछ मॉल्ट मेन को शारीरिक चोटें आईं, जिसकी वजह से ये लोग सामान्य स्थिति में भी अपने कंधों को उछकाकर हाथों को एक खास अंदाज में लटकाए रहते थे, जो कुछ-कुछ दिखने में बंदरों जैसे नजर आता था.  इन लोगों ने इस अस्थाई व्याधि को मंकी शोल्डर (Monkey Shoulder) नाम दिया. कंपनी का कहना है कि व्हिस्की तैयार करने की उस परंपरा के सम्मान में ही उन्होंने इस ब्रांड का नाम मंकी शोल्डर (Monkey Shoulder) रखा है. 

बता दें कि मंकी शोल्डर का उदय व्हिस्की बनाने वाले दुनिया के सबसे पुराने स्कॉटिश घरानों में से एक विलियम ग्रांट एंड संस के जरिए हुआ है. इसे बनाने में जिन तीन सिंगल मॉल्ट व्हिस्की का इस्तेमाल होता है, वे हैं  Glenfiddich, Balvenie और Kininvie. वाइन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन आला सिंगल मॉल्ट्स की वजह से ही मंकी शोल्डर को फ्रूटी और रिच फ्लेवर मिलता है. शराब के शौकीन इसे नीट के अलावा बर्फ के साथ या व्हिस्की कॉकटेल्स के तौर पर पीना पसंद करते हैं.  यह दूसरे ड्रिंक्स के साथ मिक्स करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. 

ब्लैक डॉग व्हिस्की के पीछे क्या है कहानी 
दरअसल, इस नाम का कनेक्शन इस व्हिस्की को पहली बार बनाने वाले शख्स सर वॉल्टर मिलर्ड की एक आदत से जुड़ा है. कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, मिलर्ड मछली पकड़ने के बहुत शौकीन थे. मछली पकड़ने के लिए वह एक स्पेशल किस्म का कांटा 'फिशिंग फ्लाई' का इस्तेमाल करते थे. इस फिशिंग फ्लाई को ही ब्लैक डॉग कहते हैं. अगर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि ब्लैक डॉग व्हिस्की की बोतल पर नाम के ठीक ऊपर मछली पकड़ने का वो कांटा एक लोगो की तरह बना हुआ है. इसी फिशिंग फ्लाई से प्रेरित होकर व्हिस्की मेकर मिलर्ड ने 1883 में इस शराब ब्रांड की शुरुआत की. तो आप समझ गए होंगे इस मशहूर स्कॉच व्हिस्की ब्रांड को यह नाम कैसे मिला.

(यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी देने के लिए है. इसका मकसद शराब पीने को बढ़ावा देना बिलकुल भी नहीं है. शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारिक है.)

 

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