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नींबू से नहीं उड़नछू होता नशा! जानें 'टल्लियों' पर क्यों बेमतलब है ये टोटका

आपने अक्सर देखा होगा कि जब कोई शराब के नशे में 'टल्ली' हो जाता है तो उसे फौरी तौर पर राहत देने के लिए कई बार उन्हें नींबू पानी या नींबू का जूस पिलाया जाता है. क्या नींबू से नशे में चूर लोगों को राहत मिलती है? क्या शराब पिए शख्स को नॉर्मल करने के लिए नींबू पानी एक रामबाण इलाज है? आइए जानते हैं क्या है सच.

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Is lemon useful on intoxicated people (Representational Image)
Is lemon useful on intoxicated people (Representational Image)

पार्टियों में कुछ लोगों का जरूरत से ज्यादा पीकर 'टल्ली' हो जाना बेहद आम है. ऐसे लोग बहुत ज्यादा शराब पीने के बाद उल्टियां करते हैं, बैठने या खड़े होने में खुद को असमर्थ पाते हैं और अपने होश में नहीं रहते. इनको फौरी तौर पर राहत देने के लिए कई बार उन्हें नींबू पानी या नींबू का जूस (Lime Juice) पिलाया जाता है. माना जाता है कि इससे तुरंत राहत मिलती है और कुछ देर बाद हालात बिलकुल सामान्य हो जाते हैं. नशे में धुत लोगों पर बरसों से यह आइडिया आजमाया जा रहा है. क्या यह सच है कि शराब पिए शख्स को नॉर्मल करने के लिए नींबू पानी एक रामबाण इलाज है? और अगर ऐसा नहीं है तो नशे में चूर (intoxicated) लोगों को राहत देने के लिए क्या किया जाना चाहिए?  

क्या कहती है स्टडी  
नशे का असर कम करने में नींबू कारगर है, यह एक स्वीकार्य तथ्य है. हालांकि, यह किस हद तक कारगर है, इसकी चर्चा आगे करेंगे. अमेरिकी सरकार की वेबसाइट नैशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन पर इससे जुड़ी एक स्टडी भी मौजूद है. स्टडी में शराब से लिवर को होने वाले नुकसान और इसमें नींबू के जूस के असर का आकलन किया गया. चूहों पर की गई स्टडी में पाया गया कि अल्कॉहल की वजह से लिवर को होने वाले नुकसान को घटाने में नींबू का जूस कारगर है. स्टडी में माना गया कि लिवर को सुरक्षित करने में नींबू के एंटी ऑक्सीडेंट गुणों की भी भूमिका मुमकिन है.  

तो नींबू का असर कितना  
जानकार मानते हैं कि शरीर में जाने के बाद नींबू का साइट्रिक एसिड शराब में मौजूद एथेनॉल से क्रिया करके ईस्ट बनाता है. यही ईस्ट शराब के बुरे असर को कम करता है. हालांकि, यह तरीका कम पिए हुए शख्स के लिए कारगर है. अगर किसी ने बहुत ज्यादा शराब पी रखी हो तो उसे नींबू से कोई फायदा नहीं होने वाला. दरअसल, शराब पीने के बाद इंसानी लिवर उसे पचाने की कोशिश करता है. इस प्रक्रिया में कुछ वक्त लगता है. बहुत जल्दी-जल्दी या ज्यादा पीने के बाद हमारा लिवर उसे उस रफ्तार से पचा नहीं पाता और अल्कॉहल हमारे खून में मिलने लगता है. इससे नशा तेजी से होता है और पीने वाला शख्स 'टल्ली' होने की ओर बढ़ने लगता है. यानी लेमन जूस तभी कारगर है जब शराब का सुरूर हल्का हो. इसलिए बहुत सारे कॉकटेल्स को बनाते वक्त अल्कॉहल बैलेंस के लिए भी उसमें नींबू का इस्तेमाल किया जाता है. 

तो क्या है उपाय  
दरअसल, शराब पीते ही शरीर में अल्कॉहल को बाहर करने का प्रॉसेस शुरू हो जाता है. यह यूरीन और पसीने के जरिए शरीर से बाहर निकलता है. इस प्रक्रिया में शरीर में पानी की कमी या डिहाईड्रेशन की स्थिति बन जाती है. बहुत ज्यादा शराब पीने की स्थिति में शरीर में होने वाला वॉटर लॉस भी बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में नशे में धुत लोगों को राहत देने का सबसे कारगर तरीका यही है कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाया जाए. इससे शरीर में होने वाली पानी की कमी दूर होगी और शराब के जहरीले तत्व यूरीन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाएंगे. वहीं, नशे में चूर शख्स को बहुत ज्यादा लेमन जूस पिलाने का साइड इफेक्ट भी हो सकता है. दरअसल, नींबू पेट में जाकर एसिड पैदा करता है और मुमकिन है कि इसे ज्यादा पीने से उल्टियां हो जाए.

 

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