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फिल्ममेकर ने पाकिस्तान में फंसे परिवार को वापस लाने के लिए लगाई गुहार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया ये आदेश

एक जाने-माने फिल्ममेकर ने उनके बच्चों को पाकिस्तान से हिन्दुस्तान वापस लाने के लिए बंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इसे देखते हुए अब अदालत ने विदेश मंत्रालय से जवाब तलब किया है. फिल्ममेकर की पत्नी पाकिस्तान से है जो अपने पिता की बीमारी का बहाना कर पहले अपने नाबालिग बच्चों को वहां ले गई और अब भारत लौटने से मना कर दिया है.

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बंबई हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय से मांगा जवाब बंबई हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय से मांगा जवाब

एक जाने-माने फिल्ममेकर की याचिका पर बंबई हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. फिल्ममेकर ने अपनी याचिका में कहा है कि वीजा एक्सपायर होने के बावजूद उनकी पत्नी और दो बच्चे पाकिस्तान में हैं. उनके परिवार को अवैध तरीके से पाकिस्तान में रोक कर रखा गया है.

दरअसल फिल्ममेकर ने अपनी पत्नी, साले और ससुर के खिलाफ ये याचिका दायर की है. वो सभी पाकिस्तान के लाहौर में रहते हैं. फिल्म मेकर की ओर से अदालत में पेश हुए वकील बी. एन. चटर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखे. उनके मुवक्किल का वीजा कैंसिल हो गया, जबकि उनके बच्चे पाकिस्तान में हैं. हमने जानना चाहा कि बच्चों के वीजा का क्या हुआ? हमने पाकिस्तान उच्चायोग को भी लिखा है.

हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को जारी किया नोटिस

हाई कोर्ट के जज जस्टिस नितिन जामदार और एन. आर. बोरकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पूछा कि इसकी कोई प्रक्रिया होगी, कौन-सा निकाय वीजा को बढ़ाने का अधिकार रखता है. इस पर फिल्म मेकर के वकील ने कहा कि उच्चायोग के पास ये अधिकार है. पाकिस्तान में भारतीय नागरिक हैं, तो अगर उनका वीजा रीन्यू हुआ होगा और ये पाकिस्तान उच्चायोग ने किया होगा. इसके बाद हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी करने का निर्णय किया है. साथ ही चटर्जी को ये नोटिस भारत सरकार के वकील को पहुंचाने की छूट भी दे दी.

ऐसे पाकिस्तान पहुंचे फिल्ममेकर के बच्चे

फिल्ममेकर की याचिका के मुताबिक, फिल्ममेकर और उसकी पत्नी की मुलाकात लंदन में हुई थी. बाद में 6 अप्रैल 2012 को उन्होंने पाकिस्तान में शादी कर ली. उनकी पत्नी पाकिस्तान यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थी, बाद में वो फिल्म मेकर के साथ भारत आ गई और भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया. पति-पत्नी को दो संतान हुईं जिनमें से एक की उम्र अब 9 साल और एक की 6 साल है.

याचिका में कहा गया है कि उनकी पत्नी ने पाकिस्तान में रह रहे अपने परिवार से मिलने की इच्छा जताई, बच्चों को भी साथ ले जाने के लिए कहा. ऐसे में वह अपने परिवार के साथ पहले दुबई गए और वहां से उनकी पत्नी और बच्चे पाकिस्तान चले गए. वो 26 नवंबर 2020 से पाकिस्तान में है. इसके बाद उनकी पत्नी ने पिता की बीमारी का कह कर लाहौर में और कुछ दिन बिताने की इच्छा जताई, उसके बाद या तो उस पाकिस्तान में जबरदस्ती रहने के लिए मजबूर किया गया या उसका ब्रेन वॉश कर दिया गया.

फरवरी 2021 में उनकी पत्नी ने बच्चों की कानूनी अभिभावक बनने के लिए भी याचिका दायर की है, जब ये सब चल रहा था, उस वक्त बच्चों का वीजा 13 अक्टूबर 2021 को एक्सपायर हो गया. वहीं बच्चों का पासपोर्ट भी कुछ महीनों में एक्सपायर हो जाएगा. ऐसे में उन्होंने बच्चों को भारत वापस लाने की गुहार लगाई है. मामले में अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी.

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