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'CAT में जब तक हो नहीं जातीं 60 फीसदी नियुक्तियां, रिटायर नहीं होंगे सदस्य', सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने कैट में रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक कैट में कम से कम 60 फीसदी नियुक्तियां नहीं हो जातीं, कोई सदस्य रिटायर नहीं होगा.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कैट में रिक्त चल रहे हैं करीब 60 फीसदी पद
  • सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के रवैये पर जताई नाराजगी

केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट यानी सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपना लिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब कैट के सदस्य तब तक रिटायर नहीं होंगे, जब तक सरकार ट्रिब्यूनल के खाली पड़े पदों पर नियुक्तियां कर कुल क्षमता के कम से कम 60 फीसदी तक नियुक्ति नहीं कर देती. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के लचर और उदासीनता भरे रवैये से नाराज होकर यह आदेश दिया है.

कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्ति का उपयोग करते हुए ये आदेश दिया है. केंद्रीय प्रशासनिक सेवाओं के बीच विवाद के हल के लिए कैट अस्तित्व में आया था. अभी इसके प्रशासनिक और ज्यूडिशियल सदस्यों के 69 पद स्वीकृत हैं. कई साल से नई नियुक्तियां नहीं हुईं हैं. लगातार समयबद्ध रिटायरमेंट की वजह से अब हालत ये हो गई है कि 69 में से 40 पद खाली हो चुके हैं.

सुप्रीम कोर्ट के लगातार फटकार लगाने के बावजूद जब खाली पदों पर भर्ती को लेकर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तब जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने ये आदेश दिया. पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि 37 साल पहले 1985 में CAT का गठन प्रशासनिक, अदालतों में लंबित प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच विभागीय विवादों के निपटारे और अदालतों से इन मामलों का बोझ कम करने के लिए हुआ था. गठन के समय 13500 मुकदमे ट्रिब्यूनल को सौंपे गए थे. पिछले 37 साल में इनकी संख्या घटने की बजाय बढ़ती चली गई और ये मामले 50 हजार के पार पहुंच गए हैं. मौजूदा समय में करीब 40 फीसदी क्षमता से ही कामकाज चल रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सदस्यों की कमी के चलते एक ही जगह अलग पीठ बनाना मुश्किल हो रहा है. इस समस्या से निजात पाने का वर्चुअल जुगाड़ निकाला गया है. अब अलग-अलग शहरों में मौजूद सदस्य बेंच में शामिल होकर वर्चुअल सुनवाई के जरिये मामले निपटाते हैं. सरकार के रवैये से नाराज पीठ ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से आम लोगों लिए न्याय पाने की चुनौती बढ़ रही है.

कोर्ट ने ये भी कहा कि अब क्या हम ये आदेश पारित करें कि असंतुष्ट अधिकारी न्याय पाने के लिए ट्रिब्यूनल की बजाय हाईकोर्ट जाएं? कोर्ट का रुख देखते हुए एडिशनल सॉलिसीटर जनरल बलबीर सिंह ने कहा है कि सरकार ने CAT के 34 खाली पदों को भरने के लिए अप्रैल में विज्ञापन निकाला गया है. जुलाई के अंत तक भर्ती के लिए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है.

 

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