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मुंबई: ATS की रिपोर्ट में एक गलती और 1.5 साल तक जेल में रहा युवक

एटीएस के मुताबिक युवक के पास नशीले पदार्थ मिला था जिसमें कोकिन भी मिली थी. केमिकल अनालिसिस की रिपोर्ट में पाया गया कि जब्त किया गया माल कोकीन नहीं है. जो गोलियां नाइजीरियाई युवक से बरामद की गईं थी वे NDPS एक्ट में नहीं आती है. एटीएस की कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट में टाइप की गलती थी.

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बॉम्बे हाईकोर्ट ( फाइल फोटो ) बॉम्बे हाईकोर्ट ( फाइल फोटो )

मुंबई में नाइजीरियाई युवक को संदिग्ध गोलियों और पावडर के साथ पकड़ा गया था. जिसके बाद उस पर ड्रग बेचने का मामला चल रहा था. लेकिन एटीएस के द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में एक गलती होने की वजह से युवक को डेढ़ साल जेल में रहना पड़ा. अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने युवक को रिहा करते हुए मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए हैं.

बॉम्बे हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस भारती डांगरे को अभियोजन पक्ष यह बताया कि मामले में एटीएस की रिपोर्ट में टाइप की गलती थी. इस पर जस्टिस भारती डांगरे ने अभियोजन पक्ष को फटकार लगाई और कहा है कि महाराष्ट्र सरकार 12 अगस्त तक नाइजीरियाई युवक के मुआवजे को लेकर फैसला करे नहीं तो मुआवजे की राशि कोर्ट तय करेगी. नाइजीरियाई युवक ने बिना अपराध के डेढ़ साल जेल में बिताया था जिस पर उसने कोर्ट में मुआवजे की मांग की थी.

दरअसल, अक्टूबर 2020 में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ( ATS) को टीएस को टिप मिली थी कि नाइजीरियाई युवक पवई के घोड़बंदर रोड पर कोकिन और नशीली गोलियां बेचने के लिए आया हुआ है. जिसके बाद एटीएस ने जाल बिछाकर नाइजीरियाई युवक को गिरफ्तार किया था. एटीएस का कहना था कि युवक की तलाशी के दौरान 116.19 ग्राम कोकिन, 40.73 ग्राम केसर के रंग की गोलियां और 4.41 ग्राम एक्सटेसी की गोलियां बरामद हुई थीं. जिन्हे जब्त करने के बाद  केमिकल अनालिसिस के लिए फोरेंसिक साइंस लैब में भेज दिया था.

केमिकल अनालिसिस की रिपोर्ट में कहा गया कि युवक के पास से जो मदाक पदार्थ मिला है वो कोकिन नहीं है और ना ही एक्सटेसी है बल्कि यह लिडोकैन, टपेनडोल और कैफिन है. फोरेंसिक लैब के असिस्टेंड डायरेक्टर ने रिपोर्ट में लिखा था कि लिडोकैन, टपेनडोल और कैफिन NDPS एक्ट के अंदर नहीं आता है. 

नाइजीरियाई युवक के वकील अश्विनी अचारी ने निचली अदालत में युवक के पास मिले मादक पदार्थों का NDPS एक्ट के अंदर नही आने की बात कहते हुए युवक की रिहाई की मांग की थी. लेकिन निचली अदालत ने यह कहते हुए युवक को जेल से रिहा नहीं किया कि 8 फरवरी 2021 को पेश की गई एटीएस की रिपोर्ट में मदाक पदार्थ मिलने का दावा किया गया है जिसके बाद नाइजीरियाई युवक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी.

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