हर इंसान चाहता है कि उसका अपना घर हो, इसलिए लोग मेहनत की कमाई जोड़कर जमीन खरीदते हैं और उस पर घर बनाते हैं. लेकिन कई बार लोग सस्ती जमीन या जल्दी फायदा मिलने के लालच में ऐसी जमीन खरीद लेते हैं, जो बाद में बड़ी मुसीबत बन जाती है. आजकल कई जगहों पर सरकार अवैध निर्माण और कब्जों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. ऐसे में अगर किसी ने गलत जमीन पर घर बना लिया, तो प्रशासन कभी भी उसे तोड़ सकता है. इसलिए जमीन खरीदने से पहले उसकी पूरी जांच करना बहुत जरूरी हो जाता है.
सरकारी जमीन खरीदना पड़ सकता है भारी
पटियाला कोर्ट के वकील मदमूद आलम बताते हैं कि सबसे ज्यादा खतरा सरकारी जमीन खरीदने में होता है. कई लोग बिना सही जानकारी लिए ऐसी जमीन खरीद लेते हैं जो सरकारी रिकॉर्ड में पंचायत, नगर निगम या विकास प्राधिकरण के नाम पर दर्ज होती है. शुरुआत में सब ठीक लगता है, लेकिन बाद में जब प्रशासन जांच करता है तो पता चलता है कि जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था. ऐसी स्थिति में सरकार बुलडोजर चलाकर मकान गिरा सकती है. यही वजह है कि जमीन खरीदने से पहले उसके कागजात और मालिकाना हक की सही जानकारी लेना जरूरी होता है.
ग्रीन बेल्ट और पार्क वाली जमीन से रहें दूर
वकील ने बताया कि इसके अलावा ग्रीन बेल्ट, पार्क या सार्वजनिक उपयोग वाली जमीन पर भी घर नहीं बनाना चाहिए. सरकार कुछ जमीनों को हरियाली और पर्यावरण के लिए सुरक्षित रखती है. अगर कोई व्यक्ति ऐसी जगह पर मकान बना ले लेता है, तो बाद में उसे अवैध घोषित किया जा सकता है. कई लोग कम दाम देखकर ऐसी जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है.
तालाब, नदी और नाले के पास न खरीदें जमीन
तालाब, नदी या नाले के आसपास की जमीन भी जोखिम भरी मानी जाती है. कई बार अवैध प्लॉटिंग करके ऐसी जमीन बेच दी जाती है. लोग कम कीमत देखकर प्लॉट खरीद लेते हैं और घर बना लेते हैं, लेकिन बाद में प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर देता है. इसके अलावा बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं. इसलिए ऐसी जमीन से दूर रहना ही बेहतर माना जाता है.
खेती वाली जमीन पर घर बनाने से पहले जान लें नियम
खेती वाली जमीन खरीदते समय भी सावधानी जरूरी है. बहुत से लोग कृषि भूमि खरीदकर उस पर मकान बना लेते हैं, जबकि कई राज्यों में खेती की जमीन पर घर बनाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है. बिना लैंड यूज बदले अगर मकान बनाया गया, तो वह अवैध माना जा सकता है. इसलिए जमीन खरीदने से पहले यह जरूर पता कर लेना चाहिए कि वह रिहायशी जमीन है या कृषि भूमि.
नक्शा पास कराए बिना निर्माण करना पड़ सकता है महंगा
कई लोग बिना नक्शा पास कराए ही मकान बनाना शुरू कर देते हैं. यह भी बड़ी गलती साबित हो सकती है. नगर निगम या विकास प्राधिकरण से मंजूरी लेना जरूरी होता है. अगर निर्माण नियमों के खिलाफ पाया गया, तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता है और मकान का हिस्सा तोड़ा भी जा सकता है.
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें
आजकल कई शहरों में अवैध कॉलोनियां भी तेजी से बस रही हैं. लोग सस्ते प्लॉट के चक्कर में वहां जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि कॉलोनी को सरकारी मंजूरी ही नहीं मिली थी. ऐसी जगहों पर बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाओं की भी परेशानी रहती है और प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है.
जमीन खरीदने से पहले जरूर करें ये जांच
इसलिए जमीन खरीदने से पहले जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. जमीन के सभी पेपर, रजिस्ट्री, नक्शा और सरकारी रिकॉर्ड अच्छे से जांच लेना चाहिए. अगर जरूरत पड़े तो किसी वकील या प्रॉपर्टी एक्सपर्ट की मदद भी लेनी चाहिए. थोड़ी सावधानी और सही जानकारी आपको भविष्य में बड़े नुकसान और कानूनी परेशानी से बचा सकती है.