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16/12 की कहानी चश्‍मदीद की जुबानी

उस 'काली रात' के चश्‍मदीद को आज भी वो मंजर याद है जो कि रौंगटे खड़े कर देता है. उसकी जुबान से एक ही बात निकलती है, सही वक्‍त से पास के अस्‍पताल ले जाने से उसकी जान बच सकती थी.

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