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फिर गरमाया देवस्थानम बोर्ड का मुद्दा, तीर्थ पुरोहितों ने मंत्री के घर के बाहर किया 'शीर्षासन'

त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम अस्तित्व में आया था. इसके तहत देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड गठित किया गया, जिसके दायरे में चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व इनसे जुड़े 43 मंदिरों समेत कुल 51 मंदिर शामिल किए हैं. उत्तराखंड चारधाम के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी इस अधिनियम व बोर्ड का निरंतर विरोध कर रहे हैं.

 तीर्थ पुरोहितो ने कैबिनेट मंत्री के आवास के बाहर किया प्रदर्शन तीर्थ पुरोहितो ने कैबिनेट मंत्री के आवास के बाहर किया प्रदर्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम लाई थी त्रिवेंद्र रावत सरकार
  • तीर्थ पुरोहित कर रहे अधिनियम का विरोध

देहरादून में देवस्थानम बोर्ड के विरोध को लेकर एक बार फिर तीर्थ पुरोहितों ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. इस बार मंत्री सुबोध उनियाल के आवास के बाहर तीर्थ पुरोहितों ने शीर्षासन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया. तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि सरकार अपने तय वादे को भूल रही है. देवस्थानम बोर्ड की व्यवस्था को सरकार वापस करे. 

त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम अस्तित्व में आया था. इसके तहत देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड गठित किया गया, जिसके दायरे में चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व इनसे जुड़े 43 मंदिरों समेत कुल 51 मंदिर शामिल किए हैं. उत्तराखंड चारधाम के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी इस अधिनियम व बोर्ड का निरंतर विरोध कर रहे हैं. 

27 नवंबर को काला दिवस मनाएंगे पुरोहित
चार धाम तीर्थ पुरोहित हक- हकूकधारी महापंचायत की बैठक देहरादून स्थित अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित की गई थी, जिसमें चारों धामों से जुड़ी पंचायत एवं मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने शिरकत की. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 27 नवंबर को चारों धामों के तीर्थ पुरोहित काला दिवस के रूप में मनाएंगे.  तीर्थ पुरोहितों ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. पुरोहितों का कहना है कि यह अधिनियम उनके हितों पर कुठाराघात है. 

हालांकि, सुबोध उनियाल पुरोहितों को मनाने के लिए आवास से बाहर आए. उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से अपील की है कि वह 30 नवंबर तक का इंतजार करें और सरकार उसके बाद कोई बड़ा फैसला करेगी जो तीर्थ पुरोहितों के लिए सकारात्मक निर्णय के रूप में देखा जाएगा. 

अधिनियम का विरोध कर रहे पुरोहित 
उत्तराखंड चारधाम के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी इस अधिनियम व बोर्ड का निरंतर विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह अधिनियम उनके हितों पर कुठाराघात है. हालांकि, तीर्थ पुरोहितों के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यसभा के पूर्व सदस्य मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की. यह समिति अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है और अब उसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है.


 

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