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Acid Rule License: उत्तराखंड में अब आसान नहीं एसिड का व्यापार, बिना लाइसेंस बिक्री पर होगी कार्रवाई

एसिड का इस्तेमाल कर हुए अपराधों को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस भी अब हरकत में आ गई है. अब राजधानी देहरादून में भी एसिड बेचना आसान नहीं होगा. एसिड बेचने वालों को लाइसेंस के बिना एसिड बेचना महंगा पड़ेगा. बगैर लाइसेंस के एसिड बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, वहीं इसे अब आसानी से खरीदा भी नहीं जा सकेगा.

Acid Rule License (प्रतीकात्मक तस्वीर) Acid Rule License (प्रतीकात्मक तस्वीर)

  • खरीदने वाले को भी जमा करना होगा फोटो पहचान पत्र
  • DIG बोले- छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई करेगी पुलिस

हाल ही में एसिड अटैक झेलने वाली लक्ष्मी के जीवन पर आधारित फिल्म छपाक रिलीज हुई है. इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने लीड रोल निभाया है. एसिड अटैक को लेकर बनी इस फिल्म के आने के कुछ ही दिन के अंदर उत्तराखंड पुलिस हरकत में आ गई है. प्रदेश में एसिड बेचना अब आसान नहीं रहेगा.

एसिड का इस्तेमाल कर हुए अपराधों को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस भी अब हरकत में आ गई है. अब राजधानी देहरादून में भी एसिड बेचना आसान नहीं होगा. एसिड बेचने वालों को लाइसेंस के बिना एसिड बेचना महंगा पड़ेगा. बगैर लाइसेंस के एसिड बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, वहीं इसे अब आसानी से खरीदा भी नहीं जा सकेगा.

एसिड खरीदने के लिए खरीदार को भी अपना फोटो पहचान पत्र जमा करना होगा, तभी एसिड मिल पाएगा. इन नियमों का पालन नहीं हो पाने की स्थिति में दुकानदार और खरीदार, दोनों ही के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि पूर्व में दुकानों पर एसिड बिना किसी रोक-टोक के बेची जाती थी. इसकी बिक्री के लिए भी किसी भी प्रकार के किसी वैधानिक पत्र या लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती थी और ना ही एसिड खरीदने वालों के संबंध में ही कोई जानकारी एकत्रित की जाती थी.

सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे कड़े निर्देश

एसिड को लेकर कड़े प्रावधानों के अभाव में इसका आपराधिक कृत्यों में उपयोग बढ़ गया था. पूर्व में एसिड अटैक की कई घटनाएं हुई है, जिनमें साल 2003 में सोनाली मुखर्जी और 2005 में लक्ष्मी अग्रवाल पर हुआ एसिड अटैक भी शामिल है. ऐसी घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़े दिशा-निर्देश निर्गत किए थे. कोर्ट ने एसिड की बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने के साथ ही इसे खरीदने वाले व्यक्ति की भी विक्रेता के रजिस्टर में एंट्री और उसकी फोटो पहचान पत्र लेने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद एसिड की बिक्री धड़ल्ले से हो रही थी.

छपाक के कारण फिर चर्चा में एसिड अटैक

एसिड अटैक को लेकर फिल्म छपाक की रिलीज के बाद बहस फिर से तेज हो गई है. फिल्म छपाक के विरोध और समर्थन के बीच एसिड पीड़ित महिलाओं के लिए जहां सरकार के स्तर पर पीड़ित महिलाओं के लिए पेंशन की बात हो रही है, वहीं अब पुलिस भी नरमी बरतने के मूड में नहीं है. देहरादून के डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने अवैध तरीके से एसिड की बिक्री करने वालों के खिलाफ अब छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी.

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