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हरिद्वार: बिजली गिरने से नहीं पानी के रिसाव से गिरी थी हर की पौड़ी की दीवार

हरिद्वार के जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने बताया है कि जांच रिपोर्ट में दीवार गिरने की पुष्टि हुई है. बुधवार देर रात को भी आशंका जताई जा रही थी कि दीवार आकाशीय बिजली से नहीं भूमिगत केबल के कारण हुए जल रिसाव की वजह से गिरी है.

हर की पौड़ी की दीवार गिरी हर की पौड़ी की दीवार गिरी

  • हर की पौड़ी की दीवार गिरी
  • पूरे क्षेत्र में फैल गया मलबा
देश के कई हिस्सों में मॉनसून की वजह से लगातार बारिश हो रही है. इस वजह से लोगों को कई तरह की मुश्किलों का सामना भी करना पड़ रहा है. सोमवार को हरिद्वार की मशहूर हर की पौड़ी की दीवार गिर गई और पूरे क्षेत्र में मलबा फैल गया. शुरुआत में बताया गया कि आकाशीय बिजली गिरने के कारण ऐसा हुआ है. लेकिन अब कारण कुछ और बताया जा रहा है.

जांच समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि हर की पौड़ी की दीवार आकाशीय बिजली की वजह से नहीं बल्कि पानी के अत्यधिक रिसाव होने की वजह से गिरी है.

हरिद्वार के जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने बताया है कि जांच रिपोर्ट में दीवार गिरने की पुष्टि हुई है. बुधवार देर रात को भी आशंका जताई जा रही थी कि दीवार आकाशीय बिजली से नहीं भूमिगत केवल के कारण हुए जल रिसाव की वजह से गिरी है.

हरिद्वार में हर की पौड़ी पर बिजली गिरी, ढह गई 80 फीट की दीवार

बता दें, उत्तराखंड में तेज बारिश को लेकर लगातार अलर्ट जारी किया गया है. सोमवार रात को यह हादसा हर की पौड़ी में ब्रह्मकुंड के पास हुआ था. अच्छी बात यह रही कि हादसे के दौरान रात होने की वजह से घटनास्थल पर भीड़ नहीं थी. ऐसे में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

हादसे के बाद अखाड़ा परिषद के श्रीमहंत नरेंद्र गिरी भी हर की पौड़ी पहुंचे, उन्होंने हालात का जायजा लिया. बाद में स्थानीय प्रशासन की मदद से मलबे को हटाया गया और पूरे इलाके को फिर से ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है.

सावन महीने में हर की पौड़ी पर हर साल भीड़ रहती है, लेकिन इस बार कोरोना संकट के कारण कांवड़ियों को आने से रोक दिया गया है. हालांकि, इसके बावजूद स्थानीय श्रद्धालु लगातार हरिद्वार पहुंच रहे हैं.

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